जोधपुर.
गैस सिलेंडरों की किल्लत एवं ब्लैक मार्केटिंग के गोरखधंधे के साथ अब कॉमर्शियल उपयोग के खाली सिलेंडर घरेलू गैस के सिलेंडरों से भरने का नया खेल शुरू हो गया है। इस खेल में शामिल लोगों को एक सिलेंडर से करीब पांच सौ रुपए की कमाई हो रही है।
गैस कंपनियों के अधिकारी भी इस बात को मान रहे हैं कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की बिक्री बहुत कम है फिर इस ओर आम उपभोक्ता का ध्यान नहीं होने से जरूर इन सिलेंडरों को लेकर कुछ गड़बड़ी चल रही है। इसकी जांच की ओर ध्यान दिया जाएगा।
शहर में घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए आईओसी, एचपीसी व बीपीसी प्रतिदिन करीब साढ़े चार हजार सिलेंडर मंगवा रहे हैं। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडरों की मासिक आवक तीनों कंपनियों की करीब साढ़े पांच हजार ही है।
कैसे होती है हेराफेरी
19 किलो के कॉमर्शियल खाली सिलेंडर में घरेलू गैस का भरा सवा सिलेंडर डालने पर कॉमर्शियल सिलेंडर पूरी तरह तैयार हो जाता है। उन्नीस किलो वजन का कॉमर्शियल सिलेंडर 1120 रुपए का है। जबकि घरेलू गैस का 14 किलो वजन का सिलेंडर 301 रुपए में मिलता है।
घरेलू गैस के एक सिलेंडर तथा 5 किलो गैस 107 रुपए की और मिलाने पर 408 रुपए में कॉमर्शियल सिलेंडर तैयार हो जाता है। इस तरह का सिलेंडर बाजार में बेचने वाला डेढ़ से दो सौ रुपए कम कीमत में दे दे तो उसे लाभ हो रहा है।
कोटा चलता है डेढ़ माह
कॉमर्शियल गैस उपयोग करने वाले रेस्टोरेंट, होटल मालिक व अन्य दुकानदार धड़ल्ले से घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं। इस कारण कॉमर्शियल सिलेंडरों की बिक्री व कोटा बहुत कम है। स्थिति नियमित रहने के कारण हालात यह है कि एक माह में कॉमर्शियल सिलेंडर का मिलने वाला कोटा डेढ़ माह तक चल जाता है।
>> कॉमर्शियल सिलेंडर में घरेलू गैस भरकर बेचने की शिकायतें मिल रही हैं। इस सबंध में कार्रवाई के लिए शीघ्र कदम उठाया जाएगा।
सीताराम, सेल्स एरिया मैनेजर, आईओसी