उदयपुर.
राजस्थान की सबसे लंबी निर्माणाधीन सुरंग में पहला बारूदी धमाका 16 फरवरी को किया जाएगा। सुरंग की खुदाई तीन सिरों से शुरू हो गई है। देवास टनल में कठोर चट्टानों को उड़ाने के लिए पहला धमाका अकोदड़ा में आउटलेट की तरफ से किया जाएगा। अकोदड़ा में बन रहे मेन डेम का पानी ग्रेविटी से टनल में इनलेट पाइंट से प्रवेश करेगा। डेम साइट से टनल खोदने के लिए आउटर कटिंग का काम पूरा हो चुका है।
70 मीटर आउटर कटिंग करने 12 किलोमीटर लंबी टनल में प्रवेश की तैयारी कर ली गई है। टनल के दूसरे मुहाने से भी खुदाई शुरू हो गई है। शहर के निकट कोडियात के पास स्थित जगत फार्म के पीछे टनल का आउटलेट पाइंट खोल दिया गया है। मानसी वाकल परियोजना की साढ़े 4 किलोमीटर लंबी टनल खोदने वाली फर्म मेसर्स वालेचा इंजीनियरिग कंपनी ने टनल के आउटलेट मुहाने से खुदाई शुरू कर दी है।
अब तक आउटलेट के बाहर की आउटर कटिंग कर 15 मीटर अंदर दाखिल हो चुके हैं। आउटलेट की तरफ से 2 मीटर प्रतिदिन की गति से खुदाई चल रही है। 12 किमी लंबी टनल बीच से खोदने के लिए चार शॉफ्ट्स खोदना प्रस्तावित है। सबसे गहरी (160 मीटर) शॉफ्ट खोदना शुरू कर दिया गया है। यह शॉफ्ट 6 मीटर खोद दी गई है। 152 मीटर और खोदने का काम तेज कर दिया गया है।
निकट नहीं, विकट है देवास परियोजना
शहर की जलापूर्ति के लिए 370 करोड़ रुपए लागत से देवास परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। पहाड़ों के नीचे से 12 किलोमीटर लंबी टनल से होकर पानी उदयपुर लाया जाएगा। यह राज्य की सबसे लंबी टनल होगी। इस परियोजना में दो डेम तथा दो सुरंगें बनाई जाएंगी।
300 एमसीएफटी जल भराव क्षमता का मेन डेम अकोदड़ा गांव के पास निर्माणाधीन है। 90 एमसीएफटी का छोटा डेम मादड़ी गांव में बनाया जा रहा है। छोटे डेम का पानी मेन टनल तक पहुंचाने के लिए 1200 मीटर लंबी लिंक टनल की खुदाई शुरू कर दी गई है। 12 किलोमीटर लंबी मेन टनल के इनलेट तथा आउटलेट पाइंट्स से खुदाई शुरू हो गई है।
>> राज्य सरकार की हिदायत के मुताबिक देवास परियोजना स्टेज-2 का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूरा करना है। इनलेट पाइंट से पहाड़ के अंदर दाखिल होने के लिए बीच में आ रही भारी चट्टान को उड़ाना जरूरी है। इसके लिए पहला ब्लास्ट 16 फरवरी को करना तय किया गया है।
विमल चोर्डिया, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग