लंदन.
स्तन कैंसर के मरीजों के लिए ड्रैगन बोट रेस उम्मीद की किरण लेकर आई है। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि स्तन कैंसर के जो मरीज ड्रैगन बोट रेस में भाग लेते हैं। उनमें आश्चर्यजनक रूप से सुधार होता है और उनकी सेहत काफी अच्छी हो जाती है।
मैकगिल यूनिवर्सिटी के शारीरिक शिक्षा विभाग की प्रोफेसर डॉ. कैथरीन सेबिस्तेन का कहना है कि ड्रैगन बोट रेसिंग में भाग लेना स्तन कैंसर के मरीजों के लिए वरदान की तरह है। इससे उनमें न सिर्फ शारीरिक रूप से सुधार होता है बल्कि उनकी मानसिक स्थिति भी बेहतर हो जाती है।
वे कहती हैं कि स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए डायग्नोसिस और कैंसर का उपचार और भी घातक साबित होता है, क्योंकि लंबे समय तक चलने वाले ट्रीटमैंट के दौरान होने वाला मानसिक तनाव और परिवार की चिंता उनकी सेहत में सुधार लाने की अपेक्षा और बिगाड़ देती है।
ऐसे में वैकल्पिक थैरेपी के रूप में बोट रेसिंग में भाग लेना काफी फायदेमंद उपचार है।
शारीरिक सक्रियता का फायदा
डॉ. कैथरीन कहती हैं कि पिछले लगभग 10 सालों से स्तन कैंसर के मरीजों के लिए विशेषज्ञ इलाज की नई पद्धति का सुझाव देने लगे हैं। विशेषज्ञों का जोर अब पारंपरिक इलाज की अपेक्षा शरीर के ऊपरी हिस्से को ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रखने पर है। विशेषज्ञों का मत है कि ड्रैगन बोट रेस में बोट चलाने के दौरान हाथों और खासकर शरीर के ऊपरी हिस्से का भरपूर व्यायाम हो जाता है।