HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

जनहित के कई फैसले

जयपुर.meet दैनिक भास्कर की ओर से शनिवार को आयोजित जनसुनवाई में जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर डी.सी.भारद्वाज ने जनहित की कई घोषणाएं कीं। उन्होंने जनता के आग्रह पर मुरलीपुरा में रविवार सुबह छह बजे जनता की मौजूदगी में पानी के नमूने लेने के लिए दल भेजने के निर्देश दिए।

अफसरों को खरी-खोटी

जनसुनवाई में आए मृतकों के परिजनों ने अफसरों को पीड़ा बयान की तो एकबारगी माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान पीड़ितों ने अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। बाद में अफसरों ने माना कि गंदे पानी को लेकर लोगों में गुस्सा है। उन्होंने माना कि चारदीवारी में पानी की सभी पाइपलाइनें अवधिपार और बेकार हो चुकी हैं। इन्हें बदलने के लिए 35 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

अफसरों ने दावा किया कि रोजाना शहर में पानी सप्लाई के समय जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं। अभी यह व्यवस्था नहीं है कि अंडरग्राउंड पाइपलाइन लीकेज का तुरंत पता लगाकर उसे दूर किया जा सके।

कमेटियां बनाने का सुझाव

जनसुनवाई में पुलिस की तर्ज पर जलदाय विभाग में भी सीएलजी की तरह कमेटियां बनाकर लोगों की परेशानी जानने का सुझाव आया। इस पर मुख्य अभियंता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में वाटर एंड हैल्थ कमेटियां गठित की गई हैं। अब शहरों में जेईएन अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों से माह में एक बार मिलेंगे।

24 घंटे शिकायतें सुनेंगे

सभी लोगों के एकमत होने पर कि अधिकारी शिकायतों पर ध्यान नहीं देते,मुख्य अभियंता भारद्वाज ने कहा कि कोई भी उपभेाक्ता उनके मोबाइल नं. ९४१४३२५0२७ पर 24 घंटे शिकायत कर सकता है। वे उसे शीघ्र दूर करने का प्रयास करेंगे।

बच्चे की सौंगंध खाई

लक्ष्मीनारायणपुरी के पवन नकवाल ने बेटे की सौगंध खाई तो माहौल गंभीर हो गया। उन्होंने बताया कि वे सौंगंध इसलिए खा रहे हैं कि जलदाय विभाग के अभियंताओं से दूषित पानी के बारे में कई बार शिकायतें करने के बाद भी वे कार्रवाई नहीं करते। उनके क्षेत्र में तीन माह पहले आए दूषित पानी के लिए करीब 20 बार शिकायतें की गईं। अभियंताओं से हर बार एक ही जवाब मिलता है कि आ रहे हैं। लेकिन वे एक बार भी मौके पर नहीं पहुंचे।

रबर बांध कर लीकेज ठीक करना गलत

भारद्वाज ने एक प्रश्न के जवाब में बताया कि पाइप लीकेज होने पर वहां ट्यूब बांध कर उसे ठीक किया जाना गलत है। वहां ज्वाइंट देकर ही ठीक किया जाना चाहिए। भविष्य में ऐसा नहीं हो, इसके लिए वे ठेकेदार व अपने कर्मियों को पाबंध करेंगे।

भूल गए मंत्री जी

जलदाय मंत्री सांवरलाल जाट ने जन सुनवाई में आने का वादा किया था। सुबह उन्हें फोन किया गया तो उन्होंने कहा शादी ज्यादा जरूरी थी। जन सुनवाई में आने को मैंने कहा तो था, पर भूल गया।

मेरी बच्ची तो गई शहर की बाकी बेटियों को बचाइए

लक्ष्मीनारायणपुरी में दूषित पानी की शिकार हुई अंतिमा की मां मीना जनसुनवाई में भावुक हो र्गई। उन्होंने अफसरों से कहा- मेरी बच्ची तो गई, शहर की अन्य बेटियों को बचाइए। साफ पानी दीजिए।

रूंधे गले से कहा, दर्द क्या बयां करूं

लक्ष्मीनारायणपुरी की मृतक निशी के पिता भागचंद सैनी ने रूंधे गले से कहा, साहब इस दूषित पानी ने मेरी बेटी छीन ली। परिवार की व्यथा क्या बयां करूं। दुख इस बात का है कि सरकार ने सहानुभूति भी नहीं जताई।

मुरलीपुरा में दूषित पानी का शिकार हुए रामप्रसाद सैनी के भजीते कैलाशचंद ने बताया कि चाचाजी जलदाय विभाग के कर्मचारी थे, लेकिन उसी पानी ने उनकी जान ले ली। विभाग में इंजीनियर-ठेकेदार गठबंधन इतना मजबूत है कि जनता की सुनवाई होती ही नहीं है। ठेकेदार काम पर लीपा-पोती कर बिल उठा लेता है और झेलना जनता को पड़ता है। कैलाशचंद ने मांग की है कि यदि यहां साफ पानी आ रहा है तो इंजीनियर घर पर यहीं से पानी भर कर ले जाए।

श्यामपुरी में दूषित पानी के शिकार दीपचंद नकवाल के बेटे राजू ने बताया कि दूषित पानी ने उनके सिर से पिता का साया उठ गया और विभाग का दावा है कि दूषित पानी से मौत नहीं हुई है। घर में कमाई वाला कोई नहीं है।

कौन है जिम्मेदार-

जनाना अस्पताल में पीलिया की शिकार होकर भर्ती हुई संगीता के पिता मोहनलाल सैनी ने बताया कि बेटी को अच्छी चिकित्सा के लिए पीहर बुलाया था, लेकिन यहां का पानी उनकी जान का दुश्मन बन गया। उन्होंने मुख्य अभियंता से भी पूछा कि दूषित पानी की वजह से संगीता को पीलिया हो गया है। उसने 6 माह 10 दिन की बेटी को जन्म दिया है। मुझे जवाब चाहिए कि इसका जिम्मेदार कौन है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: