जोधपुर. शिक्षकों के तबादलों पर लगी रोक मई माह में हटा ली जाएगी। इन तबादलों को समानीकरण नीति अपनाकर शिक्षकों का संतुलन किया जाएगा। वर्तमान में ग्रामीण स्कूलों में परीक्षाओं की तैयारी के लिए अस्थाई तौर पर शैक्षिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ये बातें तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री प्रो.वासुदेव देवनानी ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कही।
प्रो.देवनानी ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण स्कूलों में कुछ पद रिक्त हैं, इस कारण परीक्षाओं की तैयारियां पूरी नहीं हो पाई है। इसको देखते हुए शैक्षिक व्यवस्थाओं के आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही परीक्षाएं समाप्त होंगी इन शिक्षकों को पुरानी स्कूलों में भेज दिया जाएगा। एक सवाल के जवाब में प्रो. देवनानी ने कहा कि वर्तमान सरकार के राज में जोधपुर जिले में 3000 शिक्षकों को नियुक्ति दी गई है। इसी तरह जोधपुर जिले के 465 स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया।
आईआईटी पर निर्णय केंद्र को करना है
प्रो. देवनानी ने बताया कि केंद्र की टीम के समक्ष राज्य सरकार ने कोटा में आईआईटी की स्वीकृति दी थी। इसे शुरू करने के लिए केंद्र सरकार को ही निर्णय लेना है। इसी तरह केंद्रीय विश्वविद्यालय जयपुर या जोधपुर में से किसी एक स्थान पर खोला जाना प्रस्तावित है। केंद्र सरकार की टीम से सर्वे करवाने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि इसे कहां स्थापित करना है।
एमओयू पर कार्य शुरू
प्रो.देवनानी ने बताया कि राज्य में नए सत्र से 18 नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए एमओयू हुआ था। उसके लिए जमीन आवंटन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी तरह राज्य में 5 नए विश्वविद्यालय खोलने के लिए विधेयक लाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विश्व के कई विकासशील देशों में विश्वविद्यालयों की संख्या अधिक है। देश की आबादी को देखते हुए भारत में भी कम से कम 1500 विश्वविद्याल खोले जाने चाहिए। इस हिसाब से राजस्थान में भी करीब 50 विश्वविद्यालय तो होने ही चाहिए। इसके लिए प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं।