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महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन अवार्ड घोषित

उदयपुर. महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन के इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय अवार्ड शनिवार को घोषित कर दिए गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर का सबसे महत्वपूर्ण अवार्ड ‘कर्नल जेम्स टॉड अलंकरण’ ख्यातनाम लेखक विलियम डेरिम्पल को प्रदान किया जाएगा।

राष्ट्रीय अलंकरणों में पत्रकारिता का ‘हल्दीघाटी अलंकरण’ अवार्ड तवलीनसिंह को, ‘हकीम खां सूर अलंकरण’ फिल्म निर्माता-निर्देशक श्याम बेनेगल व पूर्व विदेश सचिव जगत मेहता को, ‘महाराणा उदयसिंह अलंकरण’ इसरो के पूर्व निदेशक डॉ. कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन को और ‘पन्नाधाय अलंकरण’ समाजसेविका अरुणा रॉय को दिया जाएगा।

अलंकरण समारोह आगामी 2 मार्च को सिटी पैलेस के माणक चौक प्रांगण में आयोजित होगा। फाउंडेशन के अध्यक्ष व प्रबंध न्यासी अरविंदसिंह मेवाड़ अलंकरण प्रदान करेंगे और अध्यक्षता मेवाड़ महामंडलेश्वर महंत मुरली मनोहर शरण शास्त्री करेंगे।

अलंकरण समारोह के संयोजक डॉ.मयंक गुप्ता ने बताया कि भारत के प्रति सार्वभौम सम्पादित स्थायी मूल्यों की सेवाओं के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष दिया जाने वाला कर्नल जेम्स टॉड अलंकरण के तहत स्कॉटलेंड मूल के अंतरराष्ट्रीय लेखक विलियम डेरिम्पल को 51,001 रुपए की राशि, रजत तोरण, शॉल व प्रशस्तिपत्र भेंट किए जाएंगे।

विलियम ने भारत और विशेषत: राजस्थान के इतिहास पर कलम चलाई और अनेक पुस्तकों के माध्यम से भारतीय शोधकर्ताओं को नई दिशा दी। राष्ट्रीय स्तर के अन्य चारों अलंकरण के तहत २५,00१ रु. नकद, रजत तोरण, शॉल व प्रशस्तिपत्र दिए जाएंगे। प्रिण्ट व इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता के माध्यम से समाज की उल्लेखनीय सेवा के लिए हल्दीघाटी अलंकरण दिया जाता है। इस बार वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह को यह सम्मान मिलेगा। तवलीन २५ सालों से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं।

इसी तरह साम्प्रदायिक सद्भाव, देशपप्रेम, राष्ट्रीय एकता और अखण्डता के क्षेत्र में स्थायी सेवाओं के लिए हकीम खां सूर अलंकरण दिया जाता है। इस सम्मान के लिए जाने-माने फिल्मकार व राज्यसभा सदस्य श्याम बेनेगल और उदयपुर के प्रसिद्ध समाजसेवी व पूर्व विदेश सचिव जगत मेहता को चयनित किया गया।

पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में की गई स्थायी मूल्य की सेवाओं के लिए महाराणा उदयसिंह अलंकरण इसरो के पूर्व निदेशक व राज्यसभा सदस्य डॉ.कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन को प्रदान किया जाएगा। अपने निर्धारित दायित्व की सीमा से ऊपर उठकर किए गए कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर का पन्नाधाय अलंकरण भारतीय प्रशासनिक सेवा छोड़कर समाज सेवा को कर्मक्षेत्र बनाने वाली श्रीमती अरुणा रॉय को दिया जाएगा।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी मेहता

उदयपुर के जगत मेहता देश के बेहतर प्रशासकों में रहे हैं। विदेश सचिव रहे मेहता को देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ काम करने का मौका मिला। भारत की विदेश नीति के तहत उन्होंने कई समझौतों में सहयोग कर देश की सप्रम्भुता, अखण्डता और परस्पर सद्भाव को अक्षुण्ण बनाने में अतुलनीय योगदान किया।

पाकिस्तान, चीन, अफ्रीका, नेपाल व अन्य देशों के साथ संबंध प्रगाढ़ करने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेहता ने पाकिस्तान व बांग्लादेश के साथ ‘जल—नद’ जैसे समझौतों की अगुवाई भी की। सेवानिवृत्ति के बाद मेहता ने समाजसेवी के रूप में अपनी पहचान बनाई। शिक्षा व पर्यावरण क्षेत्र से भी वे जुड़े। उदयपुर की झीलों की सफाई व संरक्षण के प्रति भी उन्होंने आंदोलन खड़ा किया। देश व समाज के प्रति उनकी सेवा के लिए भारत सरकार उनको पद्मभूषण सम्मान से अलंकृत कर चुकी है।





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