कोटा/जयपुर. कोटा में प्रस्तावित आईआईटी पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद के बाद दोनों पक्ष इसके लिए वैकल्पिक रास्ते की तलाश में जुट गए हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार इसी वर्ष आईआईटी शुरू करवाना चाहती है। केंद्र भी राजस्थान में आईआईटी का काम इसी साल शुरू करना चाहता है।
केंद्र सरकार ने कोटा में आईआईटी की मंजूरी नहीं दी है, ऐसे में राज्य व केंद्र वैकल्पिक रास्ते पर विचार कर रहे हैं, जिनमें वर्तमान में स्थापित किसी आईआईटी में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था आदि शामिल है। कोटा में आईआईटी की संभावनाओं के मद्देनजर पहले ही तीन स्थानों को चयन किया गया था। इसके बाद रानपुर के पास 203 हेक्टेयर जमीन फाइनल की गई।
साथ ही राज्य सरकार ने इसके अधिग्रहण की स्वीकृति नगर विकास न्यास को दी। इसकी अनुपालना में न्यास ने अधिसूचना जारी कर आपत्तियां मांग ली हैं। गौरतलब है कि पूर्व में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि माथुर और राजस्थान के तकनीकी शिक्षा सचिव जी.एस.संधू ने आईआईटी की संभावनाओं के मद्देनजर कोटा का दौरा किया था।
बहरहाल, कोटा में आईआईटी खुलती है तो यहां एकसाथ 1500 करोड़ रुपए का निवेश होगा और शहर का चेहरा बदल जाएगा। देश-विदेश की जानी-मानी फैकल्टी व शख्सियत यहां का रुख करेंगी। इससे कोटा की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहचान बनेगी।
यहां से देश के प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाएं भी प्रारंभ हो सकेंगी। पहले ही कोटा इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए देश भर में जाना जाता है। हर साल यहां देशभर के अलग-अलग स्थानों से 40 हजार विद्यार्थी आते हैं, जिन्होंने कोटा की आर्थिक रीढ़ को थाम रखा है।