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मीटर खराब, बिल में करंट

कोटा. बिजली के बिलों को देखकर कई उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। विद्युत वितरण निगम की ओर से उन उपभोक्ताओं को 200 यूनिट बिजली उपभोग के तदर्थ बिल थमाए गए हैं। इस पर पैदा हुए विवाद का निपटारा मीटर बदले जाने के बाद होगा। बिलों को लेकर उपभोक्ताओं ने शनिवार को सब स्टेशनों पर अपना रोष दिखाया।

विद्युत निगम ने इस बार ऐसे उपभोक्ताओं को दो सौ यूनिट बिजली उपभोग के बिल थमाए हैं जिनके यहां बरसों से काफी कम यूनिट के बिल आते रहे हैं। पहली बार बिलों को देखकर उपभोक्ता दंग रह गए। उल्लेखनीय है कि निगम की ओर से इस संबंध में लिए गए निर्णय की जानकारी का अभाव होने के कारण अभियंता भी उपभोक्ताओं को संतुष्ट नहीं कर पाए।

बिलों को लेकर वीर सावरकर नगर के उपभोक्ताओं ने महावीर नगर पर और अन्य लोगों ने मोहन टाकीज सब स्टेशन पर एकत्र होकर विरोध जताया। इनका कहना था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दी जा रही है कि आ्िरखर उन्हें अधिक राशि के बिल क्यों दिए गए हैं।

हर बार दो महीने में लगभग एक सौ यूनिट बिल आता था। अबकि बार उन्हें दुगनी से अधिक राशि के बिल थमाए गए हैं। मोहन टाकीज में एक घंटे तक चली कशमकश के बाद कई उपभोक्ताओं ने अपने पुराने बिल की राशि के आधार पर ही बिल जमा कराए। अधिकांश ऐसे उपभोक्ता थे, जिनके यहां आमतौर पर दो महीने में एक सौ यूनिट के लगभग बिजली का बिल आता था। इस बार अत्यधिक आया है।

क्यों हुआ ऐसा

शहर में करीब साढ़े तीन हजार मीटर खराब हैं। इनमें से कई की सील टूटी हुई हैं। कई मीटर बंद हैं तो कई की रफ्तार धीमी है। निगम को जयपुर से पूर्व में मिले निर्देशों के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के मीटर खराब है, उन्हें तदर्थ रूप से 200 यूनिट प्रति दो महीने के हिसाब से बिल दिए जाएं।

अब क्या होगा

निगम के अधीक्षण अभियंता ए. के. गुप्ता ने बताया कि मीटर बदले जाने के बाद यदि उपभोग 200 यूनिट से कम होता है तो उसके द्वारा जमा की गई राशि अगले बिलों में समायोजित कर ली जाएगी। यदि उपभोग 200 यूनिट या इससे अधिक होता है तो उस पर बकाया राशि निकाली जाएगी।

खराब मीटर वालों को सौ यूनिट प्रतिमाह का बिजली का बिल देना गरीबों के साथ अन्याय है। गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
—पंकज मेहता पीसीसी सदस्य कांग्रेस





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