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राज्य का पहला पोर्टेबल प्लैनेटेरियम

कोटा. planetarium उदयपुर, बीकानेर और कोटा स्थित राज्य के तीन साइंस सेंटरों में से कोटा में पहला पोर्टेबल प्लैनेटेरियम (तारामंडल) लगने का रास्ता साफ हो गया है। यहां के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) ने शुक्रवार को जयपुर स्थित निदेशालय में प्लैनेटेरियम के लिए 4 लाख रुपए जमा करा दिए हैं। यह राशि जयपुर से अब साइंस सिटी, कोलकाता भेजी जाएगी।

कोटा डीएसटी के परियोजना अधिकारी आर.के.गुजराल ने बताया कि तारामंडल की वित्तीय अड़चन दूर हो गई है। हालांकि इसके आने में अभी कुछ वक्त लगेगा। नगर विकास न्यास ने एक सप्ताह पहले ही कोटा डीएसटी को इस तारामंडल के लिए चार लाख रुपए का अनुदान दिया था। देश में पोर्टेबल प्लैनेटेरियम फिलहाल कोलकाता में ही है। कोटा डीएसटी के एक सदस्य को प्लैनेटेरियम लाने से पहले साइंस सिटी में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

‘थ्रीडी’ के लिए भी कवायद

चर्चित हिंदी थ्रीडी फिल्म ‘छोटा चेतन’ जैसा रोमांच अब यहां साइंस सेंटर में भी महसूस किया जा सकेगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग इस साइंस सेंटर में ‘थ्रीडी’ शो शुरू करने की तैयारी में जुटा है। विद्यार्थी इस थ्रीडी शो में साइंस फिक्शन (विज्ञान की कल्पना) देख सकेंगे।

यही नहीं, उन्हें समुद्र के भीतर होने का एहसास भी होगा। कोटा डीएसटी के परियोजना अधिकारी के अनुसार विभाग की क्यूरेटर बैंगलोर स्थित विश्वेश्रैया इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम का दौरा कर चुकी हैं, जहां थ्रीडी शो की व्यवस्था है। बैंगलोर संस्थान से इस संबंध में जानकारी मंगाई गई है।

कैसा होगा

इसमें कमरे के आकार का एक बैलून होता है, जिसके अंदर प्रोजेक्टर के माध्यम से ब्रrांड की आकृति दिखाई देती है। इसे एकसाथ करीब 30 लोग देख सकते हैं।

ब्रह्मांड को जानेंगे बच्चे

राज्य का एकमात्र तारामंडल (बिड़ला प्लैनेटेरियम) जयपुर में है। कोटा में पोर्टेबल प्लैनेटेरियम लगने के बाद विज्ञान में रुचि रखने वाले हाडोती के विद्यार्थी ब्रह्मांड की जानकारी ले सकेंगे





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