HomeNewsMetrosBhopal Bhopal

56 हजार करोड़ के करार

जबलपुर. जबलपुर में शनिवार को संपन्न इन्वेस्टर्स मीट में 56 हजार करोड़ से ज्यादा के 61 करार हुए। इसमें जिंदल इंडिया थर्मल पावर ने दो हजार मेगावाट बिजली संयंत्र लगाने के लिए 9 हजार करोड़ रुपए का करार किया है। इसी तरह भास्कर समूह की भास्कर बायोफ्यूल प्रायवेट लिमिटेड कंपनी ने जेट्रेाफा प्लांटेशन के लिए एमपी एग्रो के साथ करार किया।

तरंग प्रेक्षागृह में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि इस मीट में न केवल भारत बल्कि विदेशों से भी करीब 300 निवेशक आए। कुछ के साथ करारनामे हुए और औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण कुछ के साथ समझौते नहीं हो सके। श्री सिंह ने ऐसे निवेशकों को भरोसा दिलाया कि वे प्रदेश में निवेश के लिए जगह तलाशें।

जबलपुर में मिला उम्मीद से दोगुना: इन्वेस्टर्स मीट 2008 में करीब 40 हजार करोड़ रुपए के एमओयू होने का अंदाजा लगाया जा रहा था, लेकिन यहां 55 हजार 926 करोड़ रुपए के करार हुए। इनमें 44 उद्योग विभाग से, पांच ऊर्जा विभाग से, नौ खाद्य प्रसंस्करण विभाग से और तीन सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से संबंधित हैं।

कहां कितने करार : जनवरी 2007 में खजुराहो की इन्वेस्टर्स मीट में 39 हजार करोड़ रुपए के करार हुए थे। अक्टूबर 2007 में इंदौर की इन्वेस्टर्स मीट में एक लाख 20 हजार करोड़ रुपए के करारनामों पर हस्ताक्षर किए गए थे। जबलपुर की इन्वेस्टर्स मीट में 56 हजार करोड़ रुपए के अनुबंध हुए।

काम नहीं तो करार निरस्त : मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इन्वेस्टर्स मीट के समापन के बाद पत्रकारों से चर्चा में बताया कि यहां ऐसे एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जो जमीनी आधार भी लेंगे। करारनामे उन्हीं निवेशकों से किए गए हैं, जो यहां उद्योग लगाएंगे। यह संख्या या राशि बढ़ाने वाले एमओयू नहीं हैं, हमने निवेशकों से स्पष्ट तौर पर कहा कि पूरी संतुष्टि के बाद करार करें।

जो जल्दबाजी में बिना स्थान देखे औपचारिकताएं पूरी किए बगैर करार करना चाहते थे, हमने उन्हें विचार करने और प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। जिन करारनामों में छह माह में कार्य शुरू नहीं होगा, उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।

करारनामों पर उन्होंने कहा कि जो इंदौर में करार हुए, उनमें 70 हजार करोड़ में काम शुरू हुए और जबलपुर में जो एमओयू हुए, उनकी भी सतत मॉनीटरिंग की जाएगी। हम उद्योगपतियों और निवेशकों को यूं ही नहीं जाने देंगे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: