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मदकू में मेले की मौज

बिलासपुर. madku शिवनाथ नदी से चारों ओर घिरे मदकूद्वीप में शनिवार को मेले का छठवां दिन था। मेले के समापन में महज एक दिन शेष होने के कारण आज वहा हजारों की संख्या में मसीही व गैर मसीही परिवार मेला देखने पहुंचे।

छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक मसीही परिवारों की आस्था व विश्वास का केंद्र बन चुके मदकूद्वीप में आज खास चहल-पहल देखी गई। पैदल व नाव से नदी पार करने के बाद मसीहियों ने चर्च में परमेश्वर के समक्ष अपने परिवार की खुशियों की कामना की तो युवक-युवतियों और बच्चों ने मेले का मजा लिया।

चाट गोल-गप्पे, गुब्बारे, ज्वेलरी आइटम, निशानेबाजी के स्टालों में धूम रही ही, यीशु मसीह पर तैयार की गई भक्ति-संगीत के सीडी व डीवीडी कैसेट्स के स्टालों में भी पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। वैवाहिक पत्रिका के दुकान में अपने बच्चों के विवाह की चिंता लिए लोग पहुंचे तो सफर की थकान मिटाने लोगों ने कोलड्रिंक्स व आइसक्रीम दुकानों में शरण ली।

किताब प्रेमियों ने बुक स्टालों में अपने समय का सदुपयोग किया और यीशू मसीह सहित ईसाई धर्म के अन्य आदर्श पात्रों पर लिखी गई किताबों को खरीदते नजर आए। किसी ने डिक्शनरी खरीदी तो कोई किसी पत्रिका के पन्ने उलटते-पलटते नजर आया। अभिभावकों को अपने छोटे बच्चों के मेले में गुम हो जाने की चिंता सता रही थी, तो युवक-युवतियां ग्रुप बनाकर मस्ती के मूड में नजर आए।

बड़ी संख्या में लोगों ने शिवनाथ नदी के ठंडे पानी में नहाने का आनंद भी लिया। जमकर हुई आतिशबाजी: शाम करीब छह बजे मसीहियों ने जमकर आतिशबाजी की। नाव घाट के पास सैकड़ों मसीही परिवारों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और ईश्वर के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया। इसके बाद स्तुति गान कार्यक्रम का आयोजन रखा गया, जिसमें सैकड़ों मसीहियों ने भाग लिया।

अमित ने भी देखा मेला: पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी भी आज मेला देखने पहुंचे। मेला आयोजन समिति ने उनका स्वागत किया और उन्हें मेले के इतिहास के विषय में जानकारी दी। आज बिलासपुर से कांग्रेस नेता अनिल टाह, पार्षद रविंद्र सिंह सहित कई लोग मेला देखने पहुंचे। हाल ही में आईजी राजीव श्रीवास्तव भी अपने परिवार के साथ मेला देखने पहुंचे थे।

200 स्टालों से सजा मेला: 10 फरवरी से शुरू हुए मेले में इस बार 200 स्टाल लगाए गए हैं। इनमें स्थानीय व्यापारियों के अलावा कोलकाता, मुंबई, दिल्ली के भी लोगों ने अपने-अपने स्टाल लगाए हैं। इनमें से 48 स्टाल मेला आयोजन समिति ने लगाकर दिए हैं। मेला प्रबंधक सुभाष राम ने बताया कि रविवार को मेला काउंसिल की बैठक होगी, जिसमें आगामी दो वर्ष के लिए पदाधिकारियों का चयन किया जाएगा।

आज क्या-क्या होगा खास: मेले में रविवार की सुबह आठ बजे कलीसियाओं के सभी सदस्यों द्वारा प्रभु यीशु का स्तुति गान किया जाएगा। इसके बाद आराधना, नवगठित मेला कार्यकारिणी समिति का अर्पण, आत्मिक संदेश, प्रभु भोज की संगति, रोटी के लिए अगुवाई, मेले का समापन व आशीष प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

गीत-संगीत की सजी महफिल
दोपहर दो बजे गीत-संगीत स्पर्धा का आयोजन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों से आए प्रतियोगियों ने अपने गीतों में यीशू मसीह का गुणगान किया। वहां उपस्थित होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गीत-संगीत का आनंद लिया। करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम में ही सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली।

99 साल पहले पड़ी थी नीव
नेशनल हाइवे 200 में बैतलपुर से महज तीन किमी दूर स्थित मदकूद्वीप में 99 साल पहले मेले की नीव रखी गई थी, जो आज अपने पूरे शबाब पर है। 1906 में पादरी जे. गास और उनके साथियों ने इस स्थान को सामाजिक मेल-मिलाप के लिए चुना और 1909 में समाज का अधिवेशन और मेले की शुरुआत हुई।

महज बीस साल पहले ही पेयजल, बिजली, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था की कमी से जूझ रहे इस मेले में अब प्रशासन व जन सहयोग से अब सभी तरह की सुविधाएं मदकूद्वीप में उपलब्ध हो चुकी है। जल्द ही शिवनाथ पर स्टापडेम बनाया जाएगा।

तीन बार पलटी नाव
नदी पारकर मेला जाने की धुन में श्रद्धालुओं को नाव में चढ़ने की इतनी जल्दी थी कि वे ये भी भूल गए कि जल्दबाजी उनके लिए खतरे का सबब बन सकता है। आज नदी में तीन बार नाव अनियंत्रित होकर पलट गई, लेकिन किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इसके बाद कुछ देर के लिए लोग नाव में बैठने से डरते रहे, लेकिन इसके बाद फिर से वहां भीड़ लगनी शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोग पैदल भी नदी पार करते रहे।





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