नई दिल्ली. क्या कोई हाथी मनुष्य को कच्चा चबा सकता है? ऐसी घटना इससे पहले तो शायद ही कहीं सुनने या देखने में आई होगी। यह अविश्वसनीय मामला मेघालय की गारो पहाड़ियों में स्थित एक गांव में सामने आया है।
एक भड़के हुए हाथी का ‘शिकार’ बने इस व्यक्ति की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह हाथियों के झुंड के रास्ते में आ गया था। देश के वरिष्ठ वन अधिकारियों की नई दिल्ली में हुई एक कांफ्रेंस में भाग लेने आए मेघालय के मुख्य वन संरक्षक वीके नौटियाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथी द्वारा इंसान को खाना साधारण बात नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह का एक ही मामला है और हाथी के आदमखोर या मांसाहारी बनने जैसा कोई खतरा नहीं है।
तीन-चौथाई जंगली क्षेत्र वाले मेघालय में मनुष्य और जंगली हाथियों का टकराव लगातार होता रहता है। इंसान के साथ लगातार संपर्क में रहने के कारण हाथियों ने मनुष्य की कुछ गलत आदतें भी सीख ली हैं। ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जब हाथी स्थानीय शराब की तलाश में गांवों में घुस आते हैं और फिर इसे पीने के बाद मदमस्त होकर उत्पात मचाते हैं। कभी-कभी वे खुद की जान ही जोखिम में डाल लेते हैं। पिछले कुछ महीनों में ऐसे ही दस हाथियों की करंट लगने से मौत हो चुकी है।
उग्रवादियों से नहीं, हाथियों से खतरा : राज्य में हाथियों व इंसान के टकराव की स्थिति ऐसी है कि 3 मार्च के विधानसभा चुनाव में निर्वाचन विभाग व वन अधिकारियों को उग्रवादियों से ज्यादा चिंता हाथियों की सता रही है। उन्हें डर है कि नशे में धुत जंगली हाथियों के झुंड मतदान केंद्रों या चुनाव दलों पर हमला कर सकते हैं।