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एल्युमनी मिले तो याद आए बीते दिन

चंडीगढ़. कोई 60 सावन पार कर चुका है, तो कोई 70, जब कॉलेज के दिनों के यही यार शनिवार को दोबारा कॉलेज में मिले तो अपने बीते दिनों की यादें ताजा कीं। जीसी-11 के एल्युमनी मीट में एकत्रित हुए इन पूर्व स्टूडेंट्स को कॉलेज की एल्युमनी एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।

यादें की साझा: जीसी-11 के 1953 बैच के ग्रुप कैप्टन (रिटायर्ड) पी.एस सोनी जब गवर्नमेंट कॉलेज में पढ़ते थे, उस समय सेक्टर-23 के स्कूल में यह कॉलेज था। उन्होंने बताया कि जब कॉलेज का एनुवल फंक्शन हुआ था, तो कॉलेज में स्टेज नहीं था और उन्होंने बीस बैंचों को जोड़ कर स्टेज बनाया और अपने घर से सफेद चादर लाकर पर्दे लगाए। स्पोट्र्स मीट की हर कंपीटिशन में उन्होंने हिस्स लिया लेकिन कोई प्राइज नहीं जीत सका, तब चीफ गेस्ट ने प्राइज में ग्लूकोज का डिब्बा दिया और कहा कि अगली बार इसे पीकर कंपीटिशन में भाग लेना।

1960 बैच के डॉ.जी.पी मलिक और उनके क्लासमेट रिटायर्ड डॉ.एच.वी जिंदल उस लवर लेन को याद कर रहे थे, जो गल्र्स और बॉयज कॉलेज के बीच में थी। दोनों गोल-गप्पे खाने के बहाने लड़कियों को देखते थे। रिटायर्ड प्रो.ए.के अंगरिश ने न केवल कॉलेज में पढ़ाई की, बल्कि टीचिंग की और वे प्रो.आर.सी सोबती के क्लासमेट थे।

1966 बैच के फॉर्मर डीजीपी : ंपंजाब जी.एस औजला बताते हैं कि एनुवल फंक्शन उनके लिए यादगार है, क्योंकि इसमें उन्हें ढेर सारे पुरस्कार मिलते थे। फंक्शन वाले दिन उनका प्राइज से बैग भर जाता था।

कॉलेज की हिस्ट्री : गवर्नमेंट कॉलेज 26 मई 1953 से शुरू हुआ है। यह कॉलेज शहर का सबसे पुराना है। इसका आर्किटेक्ट ली-काबूर्जिए ने डिजाइन किया। पहले यह कॉलेज जीएमएसएसएस-23 की बिल्डिंग में था। उसके बाद 1960 में जीसी-11 में शिफ्ट किया गया।

एल्युमनी हाउस बनेगा कॉलेज में :

एल्युमनी एसोसिएशन के प्रेजिडेंट जगदीप सिंह चीमा ने बताया कि सितंबर 2007 में एसोसिएशन रजिस्टर्ड हुई है। अभी इसके तीन सौ मैंबर है। चीमा ने बताया कि केद्रींय वित्त राज्य मंत्री पवन बंसल ने उन्हें छह लाख रुपए एमपी एलाइड फंड से दिए हैं और जिसमें चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से कॉलेज में एल्युमनी हाउस बनाया जाएगा।

ये भी रहे हैं कॉलेज के छात्र

>> भूपेंद्र हुड्डा-हरियाणा के सीएम >> पवन बंसल- केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री >> कपिल सिब्बल-केन्द्रीय साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री >> राजीव प्रताप रूडी-बीजेपी प्रवक्ता >> सत्यपाल जैन-पूर्व सांसद >> प्रो. आर.सी सोबती-पंजाब यूनिवर्सिटी के वी.सी >>प्रदीप मेहरा-चंडीगढ़ प्रशासक के एडवाइजर >> आर.एस गुजराल-आईएएस >> वाई.एस डडवाल-आईपीएस ठ्ठ जी.एस औजला-पूर्व डीजीपी >> जगमोहन सिंह कंग-एक्स-मिनिस्टर ऑफ स्पोट्र्स, पंजाब





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