HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

गेस्ट हाउस बना मंत्री का आवास

जयपुर.house राजस्थान हाउसिंग बोर्ड का मानसरोवर स्थित गेस्ट हाउस अब नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री सुरेन्द्र गोयल के आवास में तब्दील हो गया है। वैसे तो मंत्री के रहने की व्यवस्था सरकार को मंत्रियों के लिए आबंटित बंगलों में करनी थी, किन्तु सरकार ने नवनियुक्त मंत्री को बंगला आबंटित करने की बजाय हाउसिंग बोर्ड के गेस्ट हाउस को ही उसका आवास बना दिया।

सरकार के इस निर्णय को हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन ने भी मंजूरी दे दी है और हाउसिंग बोर्ड उपायुक्त ने 4 फरवरी, 08 को आदेश जारी कर मंत्री को गेस्ट हाउस पर कब्जा संभलवा दिया है। अब गेस्ट हाउस पर मंत्री के नाम की तख्ती लगा दी गई है। बोर्ड के इस निर्णय का हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने कड़ा विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि यह निर्णय हाउसिंग बोर्ड के नियमों के विरुद्ध है।

हाउसिंग बोर्ड ने इस गेस्ट हाउस को वर्ष 1994 में इस उद्देश्य से बनवाया था कि बाहर से आने वाले बोर्ड पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को रहने की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। इसके अलावा इसे बनवाने का एक अन्य कारण बोर्ड की राजस्व हानि को भी रोकना था, परंतु अब सरकार के मंत्री द्वारा अपने आवास के लिए इसका उपयोग करना सरकार का बोर्ड की जगह पर अवैध कब्जा है। उन्होंने सरकार से भी स्पष्टीकरण मांगा है, किन्तु उसका अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।

आदेश जारी करने वाले अधिकारी मुकरे : गेस्ट हाउस को मंत्री के आवास के लिए स्वीकृत करने वाले उप आवासन आयुक्त (मानसरोवर) एस.के.शिवहरे अब यूनियन के विरोध के बाद बयान देने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि आदेश जारी करने का निर्णय मुख्यालय ने लिया है और वहीं से ही आदेश जारी हुए हैं।

हाउसिंग बोर्ड एक स्वायत्तशासी संस्था है और सरकार हाउसिंग बोर्ड के नियमों की अनदेखी करते हुए उन पर सरकारी निर्णयों को नहीं लाद सकती। इस निर्णय के विरुद्ध कर्मचारी यूनियर आंदोलन भी कर सकती है।
-ओपी पूनिया, कार्यकारी अध्यक्ष, राज. हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी यूनियन

बोर्ड की इस सम्पत्ति को सरकार द्वारा आगे खुर्द-बुर्द किया जा सकता है। परंतु यूनियन यह नहीं होने देगी और संघर्ष करेगी।
-रमेश चन्द्र, प्रांतीय महामंत्री,हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी यूनियन





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: