जयपुर. राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त पद पर पहली बार आईएएस अफसर की जगह आरएएस अधिकारी को नियुक्ति देने का मामला चर्चाओं में है। प्रशासनिक हलके में भी इस पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है। सरकार ने बोर्ड के आयुक्त पद पर तैनात प्रमुख शासन सचिव स्तर के अफसर चंद्रमोहन मीणा को अचानक हटाकर आरएएस अधिकारी अजयसिंह चित्तौड़ा को लगाया है। चित्तौड़ा ने सोमवार को राजस्थान आवासन मंडल के आयुक्त का पदभार संभाल लिया।
बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। इस नियुक्ति को लेकर बोर्ड कर्मचारियों में चर्चाएं जोरों पर हैं। उनका कहना है कि ऐसे तो बोर्ड के सचिव, मुख्य संपदा प्रबंधक और विशेषाधिकारी भी आयुक्त के समकक्ष हो गए हैं, क्योंकि ये सभी अधिकारी वरिष्ठ आरएएस अफसर हैं।
कहीं ये तो नहीं कारण
चर्चा इस बात को लेकर भी है कि चंद्रमोहन मीणा को हटाने के पीछे कारण राज्य सरकार की बात नहीं मानना रहा है। सूत्रों ने बताया कि प्रोजोन लिबर्टी इंटरनेशनल को मानसरोवर में जमीन आबंटन के मामले में मीणा ने सरकार का दबाव नहीं माना। इस कंपनी ने राज्य सरकार को हाउसिंग बोर्ड के साथ भागीदारी के लिए किसी योजना के सिलसिले में मानसरोवर में शिप्रा पथ से लगती 4 लाख 32 हजार 831 वर्गमीटर जमीन रियायती दर पर आबंटित करने का प्रस्ताव दिया था। सरकार ने यह प्रस्ताव हाउसिंग बोर्ड को भेज दिया।
बोर्ड ने इस जमीन को मास्टर प्लान में वाणिज्यिक बताकर किसी कंपनी को आबंटित करने में असमर्थता जता दी, क्योंकि इसे नीलामी के जरिये ही विक्रय किया जा सकता है। बाद में सरकार ने फिर से निर्देश जारी कर मामले के निस्तारण के बारे में लिखा। बोर्ड की 8 फरवरी को हुई बैठक में इस कंपनी को बहुउद्देशीय इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना के लिए भूमि आबंटन का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन बोर्ड प्रशासन ने ऐनवक्त पर वापस ले लिया।