HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

रामा-श्यामा के दिन बायकाट

जयपुर.assembly राज्य विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन संभावना के मुताबिक जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस ने संसदीय सचिवों के मुद्दे पर राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान न केवल टोकाटाकी की, बल्कि अभिभाषण का बहिष्कार भी किया। किसानों के मुद्दे पर माकपा के अमराराम भी सदन से बाहर चले गए। शोर-शराबे के बीच प्रतिपक्ष के नेता हेमाराम चौधरी ने तो सरकार पर यह आरोप लगाया कि वह संवैधानिक तरीके से नहीं, बल्कि राठौड़ी से चल रही है।

सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई और राज्यपाल एसके सिंह ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, कांग्रेस के हेमाराम चौधरी ने संसदीय सचिवों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सरकार न तो नियमों का पालन कर रही है और न ही संवैधानिक मर्यादाओं का, इसलिए राज्यपाल इस सरकार का अभिभाषण न पढ़ें।

पहले असंवैधानिक रूप से बनाए गए संसदीय सचिवों और मंत्रियों को हटाया जाए। इस पर राज्यपाल ने हाथ का इशारा कर कांग्रेस सदस्यों को बैठने तथा शांत रहने को कहा। कांग्रेस के ही माहिर आजाद ने कहा कि यह सरकार असंवैधानिक है, जबकि रामनारायण मीणा ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे असंवैधानिक काम करने वाली सरकार का अभिभाषण पढ़कर नई परंपरा न डालें।

जब कांग्रेसी सदस्यों का विरोध जारी रहा तो सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी उन्हें रोकने की कोशिश की। बाद में राज्यपाल ने अभिभाषण के कुछ पृष्ठ पढ़ने के बाद कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए इसे पढ़ा हुआ मान लिया जाए। राज्यपाल के जाने के बाद जब सदन की कार्यवाही दुबारा शुरू हुई, तो अभिभाषण को सदन की मेज पर रखने को लेकर कांग्रेस के सीपी जोशी ने आपत्ति जताई।

उनका कहना था कि राज्यपाल के अभिभाषण को संवैधानिक मान्यता नहीं है, इसलिए इसे पटल पर कैसे रखा जा सकता है। सदन में पास किए गए नियमों से ही यह सदन चलेगा। संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने उनका यह कहकर प्रतिवाद किया कि सरकार भी संवैधानिक है और संसदीय सचिव भी। इस मामले में वे नियमों के तहत सदन में बहस को तैयार हैं। इस पर राठौड़ और जोशी में हल्की नोक-झोंक भी हुई।

कांग्रेस की ओर से माहिर आजाद, बृजकिशोर शर्मा, जबकि सत्तापक्ष के कई सदस्य खड़े होकर जोर-जोर से बोलने लगे। इस बीच सरकारी मुख्य सचेतक महावीर प्रसाद जैन ने भी नियमों का हवाला देकर कुछ कहना चाहा, लेकिन शोरशराबे में सुनाई नहीं दिया।

विधानसभा में शोकाभिव्यक्ति

राज्य विधानसभा में दिवंगत हुए नेताओं और समाजसेवियों को श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा अध्यक्ष रामनारायण विश्नोई ने शोक प्रस्ताव रखते हुए दिवंगत व्यक्तियों द्वारा राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में दी गई सेवाओं को उल्लेखनीय बताया। विधानसभा सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस आर बोम्मई , पूर्व सांसद लक्ष्मीमल सिंघवी, पूर्व मंत्री मनफूल सिंह भादू, समाजसेवी बाबा आमटे, पूर्व सांसद लाला राम केन और अलखा राम, पूर्व विधायक हफीज मोहम्मद, गुलाम मुस्तफा खान, दीपचन्द राठौड़, पन्ना लाल मीणा, श्रीराम रावत, रावराजा राजेन्द्र सिंह, शिवकरण, श्रीदास गोयल को याद किया गया।

सरकार का भी शोक प्रस्ताव पढ़ें

मृतकों के लिए शोक प्रस्ताव पढ़े जाने के बाद कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा ने कहा-सरकार भी दम तोड़ चुकी है, इसका भी शोक प्रस्ताव पढ़ा जाए।

कांग्रेस को गया हुआ माना जाए..

राज्यपाल के अभिभाषण के विरोध में कांग्रेस ने वाकआउट कर दिया। राज्यपाल के जाने के बाद बीजेपी विधायक समरथ लाल मीणा ने चुटकी ली कि कांग्रेस को भी गया हुआ माना जाए।

राज्य का बजट 25 को

राज्य का बजट इस बार केन्द्रीय आम बजट से पहले 25 फरवरी को पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वित्त मंत्री के रूप में अपना आखिरी बजट पेश करेंगी। विधानसभा में सोमवार को हुई कार्य सलाहकार समिति की बैठक में 25 फरवरी तक का विधायी कार्य तय किया गया। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार से राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस शुरू होगी। सरकार की ओर से 21 फरवरी को अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब दिया जाएगा। इसके बाद 22, 23 और 24 फरवरी को अवकाश रहेगा और 25 फरवरी को मुख्यमंत्री राजे राज्य का बजट पेश करेंगी।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: