बीकानेर. लालगढ़ स्टेशन पर शनिवार की रात एक मासूम बलिका सोनू को उसके माता-पिता छोड़ कर चले गए उसे आश्रय देने के लिए महिलाएं आगे आ रही हैं। ‘भास्कर’ में बालिका की दुखभरी कहानी उजागर होने के बाद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के प्लानिंग एंड मोनिटरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत श्रीमती सुनीता वर्मा ने बालिका को आश्रय देने की इच्छा जाहिर की है।
श्रीमती वर्मा ने सोमवार को ‘भास्कर’ से संपर्क कर कहा कि वह इसका पालन-पोषण कर सकती है। बालिका उसके पास सुरक्षित रहेगी। उनका मानना है कि जो मां-बाप अपनी इकलौती संतान को इस तरह रोता-बिलखता छोड़कर चले गए उन्हीं को इसे वापस सुपुर्द करना बालिका के साथ अन्याय होगा। ऐसे मां-बाप किसी दबाव में उसे एक बार तो वापस रख लेंगे लेकिन बाद में उसे प्रताड़ित कर घर छोड़ने को मजबूर भी कर सकते हैं।
बालिका खुद कहती है कि मां उसे गर्म चिमटे से दागा करती थी तथा गर्म पानी भी उसके शरीर पर उड़ेल देती थी। महिला का कहना है कि वह सोनू की शिक्षा की भी पूरी व्यवस्था करेगी। बाल कल्याण समिति के सदस्य पूर्व पार्षद आदर्श शर्मा ने बताया कि किसी भी अनाथ बच्चे को लेने के लिए समिति का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इच्छुक महिलाएं समिति से संपर्क कर सकती हैं।
कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को उन्हें सौंपा जा सकता है। शर्मा ने शाम को मरुधर कॉलोनी स्थित नारी निकेतन पहुंचकर बालिका से बात की। सोनू का मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा। बिहार में बालिका के माता-पिता का पता लगाने के लिए जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को भी लिखा जाएगा। इसके अलावा बच्च अस्पताल की नर्सरी में भर्ती दो माह की बालिका को भी गोद देने की कार्रवाई की जा रही है।