बीकानेर.
बीकानेर का मुख्य पर्यटन स्थल जूनागढ़ अब रात को भी रोशनी से सराबोर रहेगा। पर्यटन विभाग ने बिजली कनेक्शन के लिए डिस्कॉम को आवेदन भी कर दिया है। उम्मीद है कि अप्रैल तक यह कार्य पूरा हो जाएगा। फ्लड लाइट लगाने का कार्य राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) करेगा जबकि राशि पर्यटन विभाग देगा। इस स्थिति में बीकानेर में जब नए पर्यटन सीजन शुरू होगा, तो सैलानियों को नया आकर्षण देखने को मिलेगा।
इस कार्य पर करीब 45 लाख रुपए व्यय होंगे।फ्लड लाइट लग जाने की स्थिति में रात के समय यहां पर लेजर शो होने की संभावना भी बढ़ जाएगी। केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय ने बीकानेर के जूनागढ़ के अलावा राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सवाई माधोपुर और जैसलमेर के 22 अन्य स्मारकों के लिए आठ करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
राजस्थान में आने वाले सैलानियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, इस स्थिति को देखते हुए इनके लिए नए आकर्षण उपलब्ध कराने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बीकानेर में गत वर्ष करीब पौने तीन लाख देशी-विदेशी सैलानी आए थे। इस बार भी 31 जनवरी तक यह संख्या तीन लाख को पार कर चुकी है। बीकानेर आने वाले प्रत्येक 10 में से 9 सैलानी जूनागढ़ को जरूर देखते हैं। पर्यटन विभाग विगत दो सालों से लगातार प्रयासरत है कि जूनागढ़ की भव्यता को और विस्तृत किया जाए।
पर्यटन विभाग के प्रयासों के कारण ही जूनागढ़ के सामने दो हाईमास्ट लाइट लगाई गई और रात के समय भी किले की भव्यता निखरी। करीब दो साल पहले पर्यटन विभाग ने जूनागढ़ परिसर में फ्लड लाइट लगाने का भी प्रस्ताव जयपुर स्थित मुख्यालय भेजा था। ऐसे प्रस्ताव अन्य जिलों से भी आए। इसी प्रस्ताव को केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय को भेजा गया।
जूनागढ़ में फ्लड लाइट लग जाने के बाद पब्लिक पार्क की भी रौनक बढ़ जाएगी। वैसे भी जिला प्रशासन ने पब्लिक पार्क के कायाकल्प के लिए व्यापक प्रयास शुरू कर दिए हैं। लाखों का बजट स्वीकृत किया गया है। ऐसे में आने वाले कुछ महीनों के अंदर पब्लिक पार्क के रूप में नया पर्यटन स्थल विकसित हो सकेगा। रात के अंधेरे में जूनागढ़ की भव्यता को निहारने जब सैलानी आएंगे तो उनका बीकानेर में रात का भी स्टे बढ़ जाएगा। इससे निश्चित रूप से बीकानेर के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
छतरियां भी चमकेगी
पर्यटन विभाग सागर की छतरियों को नया पर्यटन स्थल बनाने के लिए 90 लाख रुपए के विकास कार्य करवा रहा है। इसमें अब तक 50 लाख रुपए से अधिक का कार्य हो चुका है और बाकी कार्य को दो-तीन महीनों में ही पूरा कर लिया जाएगा। पर्यटन विभाग ने सागर की छतरियों की छटा रात में भी दिखाई दे, इसके लिए इसके आस-पास लाइटें लगाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए करीब 20 दिन पहले डिस्कॉम में आवेदन कर दिया गया है। बीकानेर के राजपरिवार की अंतिम विश्रामस्थली सागर के आस-पास रात के समय घुप्प अंधेरा रहता है। इस स्थिति को देखते हुए सागर की छतरियों के पास बनाई गई सड़क पर रोड लाइट लगाई जाएगी। इसके अलावा छतरी परिसर के बाहरी हिस्से में बनाए गए पथ-वे पर भी लाइटें लगाई जाएगी।
देखरेख और मरम्मत के अभाव में यह छतरियां क्षतिग्रस्त होने लगी थी जिसे देखते पर्यटन विभाग ने इसके विकास का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने का निर्णय लिया। हालांकि इसके लिए बजट राशि तो पहले ही जारी हो चुकी थी लेकिन जीर्णाेंद्वार कार्य में तकनीकी खामी के कारण एकबारगी यह कार्य रुकवा दिया था। पर्यटन विभाग ने गत वर्ष नए सिरे से यह कार्य शुरू करवाया जो अब अंतिम चरण में है। सड़क बनने के बाद से ही सैलानियों की आवक भी बढ़ने लगी है। प्रतिदिन 20 से 30 विदेशी सैलानी यहां आ रहे हैं।
दोनों ही स्थानों पर बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया है। प्रयास किया जा रहा है इसी वित्तीय वर्ष में यह कार्य पूरा कर दिया जाए। जूनागढ़ में फ्लड लाइट लग जाने की स्थिति में यहां पर लेजर शो भी हो सकेगा।
-एच.एम.आर्य, सहायक निदेशक पर्यटन, बीकानेर