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Rajasthan
Shekhawati Shekhawati सीकर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की स्कूली किताबों में दी गई गलत जानकारियां प्रदेश के लाखों स्टूडेंट्स के गले की फांस बन गई हैं। क्लास पांच से बारह तक की सामाजिक विज्ञान की किताबों से फिरंगी सेना के दांत खट्टे करने वाले आजादी के दीवानों को सिरे से गायब कर दिया गया, वर्षो पुराने इतिहास को बदल डाला गया वहीं भूगोल से संबंधित गलत जानकारियों से भी असमंजस की स्थिति बन गई है।
किताबों में हुई गंभीर गलतियों ने स्कूली स्टूडेंट्स के साथ ही आरपीएससी की परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे प्रतिभागियों को भी परेशान कर दिया है। फिलहाल जिले के हजारों स्टूडेंट्स में भ्रम की स्थिति बनी है। जानकारों का कहना है कि राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल द्वारा प्रकाशित इन किताबों में पिंट्र मिस्टेक के साथ भ्रामक जानकारियों का सिलसिला पिछले कई सालों से चल रहा है।
भूल गए सुखदेव की शहादत
क्लास ११ वीं के राजनीति विज्ञान सैकिंड बुक के पेज १५२ को आधार मानें तो आजादी की जंग में क्रांतीकारी सुखदेव का कोई रोल नहीं था। किताब के मुताबिक २३ मार्च १९३१ को ब्रिटिश सरकार द्वारा भगतसिंह, बुटकेश्वरदत्त तथा राजगुरु को फांसी की सजा दी गई थी।
कहां है बैराठ
पौराणिक महत्व और प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी बैराठ (विराटनगर) को छठी क्लास की सामाजिक विज्ञान की किताब के पेज १३१ पर अलवर में बताया गया है जबकि बैराठ जयपुर जिले के शाहपुरा उपखंड में है।
बोर्ड केवल क्लास नौ से बारह तक की पुस्तकें प्रकाशित करता है। किताबें पिछले चार साल से प्रकाशित होती हैं। गलतियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा सही कराया जाता है,मेरी जानकारी में तो क्लास १२ साइंस की बुक में कुछ गलतियां होने के संबंध में है, जो कमियां रही हैं उन्हें अगले सत्र में ठीक कर लिया जाएगा।
- एल.डी. यादव, सचिव माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान
३ साल बाद भी प्रदेश में ६ संभाग
क्लास नौ और छह के बच्चों का राजस्थान के संबंध में सामान्यज्ञान चैक करने के लिए यदि प्रदेश में फिलहाल कितने संभाग हैं, प्रश्न पूछा जाता है तो जवाब गलत ही मिलेगा। नौवीं की सामाजिक विज्ञान की किताब के पेज ३६ तथा छठी के पेज ९४ पर आज भी प्रदेश में छह संभागों का ही जिक्र है जबकि ४ जून २क्क्५ को भरतपुर को प्रदेश का सातवां संभाग बनाया जा चुका है।
प्रदेश के क्षेत्रफल को लेकर भी क्लास १२ की इतिहास सैकिंड के पेज एक और नौंवी के सामाजिक विज्ञान की पेज ३६ पर प्रदेश की पूर्व से पश्चिम की दूरी अलग-अलग बताई गई है। क्लास १२ वीं के अनुसार ये दूरी ८२१ किलोमीटर है तथा नौवीं के अनुसार ये दूरी ८६९ किलोमीटर है। विषय विशेषज्ञों के अनुसार सही दूरी ८६९ किलोमीटर ही है।
प्रदेश के समूचे क्षेत्रफल की बात करें तब भी जानकारियां गलत ही मिलेंगी। क्लास १२ की इतिहास की किताब के पेज एक पर दर्ज जानकारी को सही मानें तो कुल क्षेत्रफल ३४२२७४ वर्ग किलोमीटर, आठवीं की सावि. के पेज को सही मानें तो प्रदेश का क्षेत्रफल है ३४२२३९ वर्ग किलोमीटर।