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प्रोफेशनल टैक्स की सीमा बढ़ेगी

भोपाल. चुनावी वर्ष में कर्मचारियों पर मेहरबान राज्य सरकार नए बजट में उन्हें प्रोफेशनल टैक्स की सीमा में इजाफे की सौगात देने पर विचार कर रही है। उसका इरादा वार्षिक आय सीमा का दायरा बढ़ाकर लगभग एक लाख रुपए करने का है। वर्तमान में न्यूनतम 76 हजार वार्षिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी प्रोफेशनल टैक्स देना पड़ता है।

इस बात के संकेत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कर्मचारी संगठनों की मांगों पर दिए गए आश्वासनों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा बैठक में दिए। इसका लाभ प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और नई भर्ती वाले तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को ही मिलेगा।

बताया जाता है कि जैसे ही चर्चा में प्रोफेशनल टैक्स का मुद्दा आया तो सीएम दायरा बढ़ाने का संकेत देकर अगले विषय पर आ गए। अगले वित्त वर्ष के बजट से जुड़ा मसला होने के कारण इस मुद्दे पर बैठक में ज्यादा कोई चर्चा नहीं हुई।

आय का दायरा बढ़ाने से पचास करोड़ का नुकसान : वर्तमान में प्रोफेशनल टैक्स से सरकार को सालाना 170 करोड़ रुपए की आय होती है। आय का दायरा बढ़ाने से सरकारी खजाने पर लगभग पचास करोड़ रुपए की चपत लगने की संभावना है, लेकिन चुनावी वर्ष में भाजपा सरकार यह जोखिम उठाने के मू़ड़ में है।

मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक वित्त विभाग प्रोफेशनल टैक्स का दायरा बढ़ाने से होने वाली लगभग पचास करोड़ रुपए की हानि की कहां से भरपाई की जाए, इसका गुणा-भाग करने में जुटा है।

नियमितीकरण और अनुकंपा नियुक्ति-मुख्यमंत्री ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को शीघ्र नियमित करने और अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों का निराकरण करने पर जोर दिया। इस मुद्दे पर सामान्य प्रशासन विभाग के अफसरों ने सीएम को बताया कि एक पखवाड़े में इन दोनों ही मसलों पर प्रभावी कार्रवाई कर ली जाएगी।

उन्होंने शिक्षा कर्मियों को अध्यापक पदनाम देने के बाद सेवा शर्त् तय करने का आदेश जल्द ही जारी करने की हिदायत दी। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि शिक्षा कर्मियों को अध्यापक बनाए जाने के बाद उनकी सेवा शर्र्तो का प्रस्ताव स्कूल शिक्षा विभाग ने विधि विभाग को भेजा था। अंतिम आदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग जल्द ही जारी कर देगा।

अन्य लंबित मांगों पर चर्चा- ब्रम्हस्वरूप समिति की सिफारिशों पर अमल, उपयंत्रियों को तीसरी क्रमोन्नति, अशंकालीन कर्मचारियों के वेतन का मामला तथा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की मांगों के बारे में संबंधित विभाग कार्यवाही कर रहे हैं।

निर्माण विभागों में दैनिक वेतनभोगी उपयंत्रियों की भरती के लिए विशेष सीमित परीक्षा आयोजित की जाएगी। ब्रम्हस्वरूप समिति की सिफारिशों पर अमल की स्थिति को लेकर सभी विभागों से एक हफ्ते में पालन प्रतिवेदन मांगा जाएगा। बैठक में जल संसाधन मंत्री अनूप मिश्रा और मुख्य सचिव राकेश साहनी समेत अनेक विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।





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