जबलपुर. हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में व्यवस्था दी है कि निजी मेडिकल कॉलेज छात्र-छात्राओं से बैक गारंटी नहीं मांग सकते। इस मत के साथ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस आरएस झा की युगलपीठ ने इंदौर के मॉडर्न डेंटल कॉलेज द्वारा छात्रों से बैंक गारंटी मांगने के संबंध में दिए नोटिस को निरस्त कर दिया।
प्रियंका श्रीवास्तव व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं में कहा गया था कि वो इंदौर के मॉडर्न डेंटल कॉलेज में वर्ष 2004-05 से बीडीएस कोर्स के छात्र हैं। कॉलेज ने एक नोटिस जारी कर छात्रों को बैंक गारंटी जमा करने को कहा। ऐसा न करने वाले छात्रों के एडमीशन निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई थी।
सुनवाई के दौरान विद्यार्थियों की ओर से अधिवक्ता पीके मिश्रा ने कहा कि कॉलेज द्वारा बैक गारंटी इसलिए नहीं मांगी जा सकती, क्योंकि आवेदक छात्रों ने कॉलेज में अपनी पढ़ाई जारी रखी थी। उनकी पढ़ाई छोड़ने की गुंजाइश बिल्कुल भी नहीं थी।
सुनवाई के बाद युगलपीठ ने कहा कि इस मामले में कमेटी द्वारा निर्धारित फीस आवेदक छात्र अदा कर रहे हैं, साथ ही ऐसा कोई वाक्या प्रकाश में नहीं आया कि आवेदक छात्र कमेटी द्वारा निर्धारित फीस जमा नहीं कर रहे। इस मत के साथ अदालत ने छात्रों से बैंक गारंटी जमा करने संबंधी नोटिस को निरस्त कर दिया।