इंदौर. पूर्वी रिंगरोड के ग्रीन बेल्ट पर 16 दुकानों का काम दिन-रात चल रहा है। आसपास के लोगों की शिकायत के बाद भी निगम या प्राधिकरण ने कोई कार्रवाई नहीं की। पूर्वी रिंगरोड पर तीन इमली चौराहा से राजीव गांधी प्रतिमा के बीच अंबिकापुरी (पीपल्याराव) के पास ग्रीन बेल्ट पर 16 दुकानों का काम दिन-रात चल रहा है।
पहले छह दुकानें बनना शुरू हुईं और फिर पास ही दस और बनने लगीं। प्राधिकरण के मैदानी अमले ने भी इसे रुकवाने की नाकाम कोशिश की। फिर उच्चधिकारियों तक जानकारी पहुंची तो उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को बता दिया।
रहवासियों को डराया : रहवासियों ने अवैध निर्माण रोकने का कहा तो निर्माताओं ने डराया और चुप रहने की हिदायत दी। तब फरवरी के पहले सप्ताह में करीब 15 रहवासियों ने प्राधिकरण और निगम जाकर शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद भी निर्माण बेखौफ जारी है।
रास्ता बंद हो गया : अंबिकापुरी और आसपास करीब 250 घरों में रहने वाले रिंगरोड आने के लिए दो एप्रोच रोड का उपयोग करते रहे हैं। दुकानें उन्हीं एप्रोच रोड को बंद कर बन रही हैं। इससे लोगों को मेन रोड से घूमकर रिंगरोड तक आना पड़ रहा है।
हटा देंगे दुकानें, 22 को चलेगी मुहिम
प्राधिकरण और निगम मिलकर 22 फरवरी से 14.5 किलोमीटर लंबे पूर्वी रिंगरोड को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम चलाएंगे। प्रभारी निगमायुक्त विवेकसिंह ने बताया ग्रीन बेल्ट पर बन रही 16 दुकानें भी उसी दिन हटा दी जाएंगी।
उधर, निगम के रिमूवल अधिकारी अजित श्रीवास्तव ने बताया प्रभारी निगमायुक्त से ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है लेकिन वे जब कहेंगे अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर देंगे। प्राधिकरण सूत्रों का कहना है 22 फरवरी को सुबह 10 बजे निगम और प्राधिकरण का अमला खजराना चौराहा पर इकट्ठा होगा।
वहां से एक गैंग राजीव गांधी प्रतिमा और दूसरी निपानिया की ओर कार्रवाई शुरू करेगी। निगम और प्राधिकरण ने अक्टूबर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले रेत के ट्रक और अवैध निर्माण हटाए थे।