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रिजल्ट से पहले ही कर लिया सिलेक्ट

चंडीगढ़.एचपीएससी की भर्तियों के बारे में चौटाला सरकार पर बेकायदगी और बदनामी के धब्बे साफ नजर आने लगे हैं। हाईकोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में हरियाणा के एडीशनल एडवोकेट जनरल ने कहा है कि हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से 2002 में भर्ती किए बैच में जिन उम्मीदवारों का चयन होना था वह पहले से ही तय था।

एडीशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल ने सोमवार को एक एफिडेविट दायर कर पूरे मामले पर सरकार की ओर से इंस्पेक्शन रिपोर्ट सौंपी। बंसल ने कोर्ट से इस परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने वालों और उत्तर पुस्तिकाएं जांचने वालों की जानकारी हासिल करने के लिए आवश्यक निर्देश देने की मांग की। इससे पहले इस मामले में याचिकाकर्ता करन सिंह दलाल के वकील मोहन जैन ने रिपोर्ट सौंपी थी।

भर्ती में भारी मैनुपलेशन

अपनी रिपोर्ट में संजीव बंसल ने कहा है कि पूरा रिकॉर्ड देखने पर यह स्पष्ट है कि इस भर्ती में भारी मैनुपलेशन की गई है। रिपोर्ट में इस बैच में भर्ती हुए सभी उम्मीदवारों के नाम, उनके पद, लिखित परीक्षा में उन्हें मिले अंक और इंटरव्यू में मिले अंकों के साथ पूरी जानकारी हाईकोर्ट को सौंपी। रिपोर्ट के मुताबिक जिस तरह से उम्मीदवारों को इंटरव्यू में नंबर दिए गए हैं और उत्तर पुस्तिकाओं में कांटछांट मिली है, उससे लगता है कि भर्ती हुए उम्मीदवारों को कमीशन की ओर से काफी मदद हासिल हुई और सब कुछ सुनियोजित ढंग से हुआ।

पेपर जांचने वालों की नहीं दी जानकारी: रिपोर्ट में सरकारी वकील ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों पर 11 फरवरी को रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान जब हमने एचपीएससी के प्रतिनिधि से इस परीक्षा के प्रश्न पत्र सैट करने वालों और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने वालों के बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

ज्वाइंट रजिस्ट्रार का ध्यान खींचा था: वकील ने कहा कि इस मसले को जांच के दौरान उपस्थित ज्वाइंट रजिस्ट्रार (जूडिशल) ओपी विग के ध्यान में भी लाया गया था।

आवश्यक कार्रवाई की मांग:

सरकारी वकील ने हाईकोर्ट से एचपीएससी के सेक्रेट्री से इस परीक्षा के प्रश्न पत्र बनाने वाले और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने वालों की जानकारी मुहैया कराने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

सुनवाई 20 को: इस रिपोर्ट को चीफ जस्टिस विजेंद्र कुमार जैन और जस्टिस केएस आहलूवालिया की खंडपीठ ने स्वीकार कर लिया। फिलहाल मामले की सुनवाई 20 फरवरी को होनी है।





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kumar
Wednesday, 20th Feb 2008, 11:35
Our system needs to be stripped in open. unfortunately the innocent public does not/cannot come to know about the games being played behind the scene by the............. . My idea of writing this generally considered useless commemt is to make people aware that real factor for going abroad is not always the money kumar