इंदौर.
सोमवार रात दोस्त से मिलने गए यूनिवर्सिटी के लेक्चरर को नंदानगर में एक्टिवा से आए दो नकाबपोश बदमाशों ने सड़क पर ही गोलियां मार दी। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश भी की लेकिन वे भाग निकले।
सुखलिया निवासी मुकेश पिता जीएल सोलंकी यूनिवर्सिटी (तक्षशिला कैम्पस) के स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन में लेक्चरर हैं। वे रात 8.30 बजे नंदानगर रोड नंबर आठ निवासी दोस्त संतोष गौतम से मिलने पहुंचे। बाइक खड़ी कर घर की तरफ बढ़े ही थे कि पीछे से आए दो बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की और भाग निकले। लहूलुहान हालत में उन्हें भंडारी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां आईसीयू में रखा गया।
नकाब और टोपी लगा रखी थी
प्रत्यक्षदर्शी पंकज बालकिशन निवासी नंदानगर ने बताया वे भी वहीं एक दोस्त के साथ बात कर रहे थे। मुकेश बाइक खड़ी कर कुछ कदम ही चले थे कि टोपी लगाए, मुंह पर रूमाल बांधे दो युवक एक्टिवा से आए।
तभी एक युवक ने पिस्टल निकाली और चार गोलियां मुकेश पर दाग दी। पंकज और अन्य प्रत्यक्षदर्शी बदमाशों को पकड़ने के लिए लपके, लेकिन वे भाग निकले। पंकज एक्टिवा का नंबर 7824 ही देख पाया। गोलियों के धमाके सुन मुकेश के मित्र संतोष भी प्रथम मंजिल स्थित घर से नीचे उतर आए और अस्पताल ले गए।
ठीक पहले बहन से बात की
श्री सोलंकी की बहन ममता ने बताया घटना के कुछ पल पहले ही भैया ने उनसेकहा दोस्त से मिलकर घर आता हूं। तब मैंने उन्हें चलती गाड़ी पर बात नहीं करने की हिदायत देकर फोन रख दिया। उसके कुछ मिनट बाद ही हमले की खबर मिली।
परिजन ने बताया मुकेश के दो बच्चे हैं। उन्होंने हाल में ही फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ज्वाइन किया था। पांच-छह साल पहले वे आरक्षक थे। उनकी पत्नी सेमलिया चाऊ के पास धतूरिया में मायके में है।