नई दिल्ली. नेताजी सुभाषचंद्र बोस से संबंधित फाइलों की सूची को जारी करने से इंकार करने वाले प्रधानमंत्री कार्यालय से केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा है कि गोपनीय 29 फाइलों की सूची लोगों को मुहैया कराई जाए।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी नेता के बारे में सीआईसी ने यह फैसला तब किया है जबकि पीएमओ ऐसी 33 फाइलें उसके सामने रख चुका है। विदेशी राज्यों के संदर्भ वाली ऐसी चार फाइलें जारी की जा चुकी हैं।
दिल्ली की संस्था मिशन नेताजी द्वारा सूचना के अधिकार के तहत दाखिल किए गए एक आवेदन पर सीआईसी ने 25 जनवरी को यह आदेश जारी किया है लेकिन पीएमओ द्वारा इन फाइलों की सूची को जारी न किए जाने की बात पहले कही जा चुकी है और कहा गया था कि इसे जारी करने से भारत की संप्रभुता और विदेशों से रिश्ते बिगड़ सकते हैं।
पीएमओ द्वारा इन फाइलों की सूची सीआईसी के सामने रखे जाने के लिए मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने कहा था कि दूसरे देशों के संदर्भ देने वाली जब चार फाइलें दी गई हैं तो शेष 29 फाइलें भी देनी चाहिए। सोमवार को दिए एक आदेश में सीआईसी ने यह भी इंगित किया है कि इन 29 फाइलों में से सात टॉप सीक्रेट, तीन गोपनीय और बाकी सीक्रेट श्रेणी में रखी गई हैं।
पीएमओ ने इन 33 फाइलों के अलावा दो और फाइलों की सूचना दी थी जो हाल में गैर-वर्गीकृत की गई हैं। हबीबुल्लाह ने कहा कि पीएमओ शेष 29 फाइलों और दो ताजा फाइलों की सूची के साथ उनके शीर्षकों की सूची मुहैया कराएगा। उन्होंने पीएमओ के सूचना अधिकारी को यह भी निर्देश दिए कि दस दिनों में मिशन नेताजी के अनुज धर को यह सूची दी जाए।
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