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न इंदौर, न गोवा और न हैदराबाद

रायपुर. रायपुर राजधानी होने के बावजूद अभी तक जम्मू-कश्मीर जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल से सीधे नहीं जुड़ सका है। पर्यटकों को छुट्टियां मनाने के लिए अगर जम्मू जाना है, तो इसके लिए कई तरह के पापड़ बेलने पड़ते हैं। रायपुर से पहले दिल्ली का रिजर्वेशन करवाना पड़ता है, फिर वहां से जम्मू वाली ट्रेन पकड़नी पड़ती है। यहां तक कि मिनी मुंबई इंदौर के लिए भी सीधी ट्रेन नहीं है।

लोगों को इस बात का मलाल है कि रेल बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा ही होती रही है, अन्यथा सीधी ट्रेन सेवा के मामले में राज्य पिछड़ा नहीं होता। यहां इंदौर, धार्मिक नगरी उज्जैन जाने के लिए लोगों को पहले भोपाल का टिकट कटाना पड़ता है। भोपाल से बस या ट्रेन का सफर होता है। इंदौर में यहां के काफी छात्रों और व्यवसायियों का आना-जाना लगा रहता है। यहां के लिए हवाई सेवा तो शुरू हो गई, लेकिन ट्रेन का इंतजाम नहीं हो सका।

मेडिकल हब कहलाने वाला हैदराबाद शहर काफी करीब होने के बावजूद राजधानी से दूर है। महीनेभर से रेलवे यहां के लिए एक स्पेशल ट्रेन जरूर चला रहा है, लेकिन नियमित ट्रेन नहीं है। राजस्थान के खूबसूरत शहरों में गिने जाने वाले जयसलमेर, बीकानेर व उदयपुर के लिए भी ट्रेन नहीं है। जोधपुर के लिए चलने वाली सप्ताह में एक ही ट्रेन है, जिससे आधे लोगों को भी सुविधा नहीं मिल पाती।

आईटी हब बैंगलूर का सफर भी आसान नहीं है।पूवरेत्तर में श्रीनगर, हिमाचल प्रदेश, असम, झारखंड जैसे राज्यों के लिए रायपुर से सीधी ट्रेनें नहीं चलती। दक्षिण में गोवा, कन्याकुमारी, विजयवाडा, मंगलूर जैसे शहरों के लिए भी रायपुर से सीधे जाना संभव नहीं। यहां से गोवा जाने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लोगों को मुंबई से ट्रेन बदलकर वहां पहुंचना होता है।

असम के दिब्रूगढ़ और गुवाहटी के लिए ट्रेन नहीं होने से मिजोरम, मणीपुर, नगालैंड, सिक्किम जैसे राज्य छत्तीसगढ़ से कटे हुए हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में भले 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन अन्य राज्यों की तुलना में अब भी छत्तीसगढ़ देश के दो दर्जन प्रमुख शहरों से दूर है। ऐसे भी शहर हैं, जहां के लिए सप्ताह में एकाध ही ट्रेन है, जिनमें भीड़ इतनी होती है कि उसमें सफर करना बेहद मुश्किल होता है।

यहां चाहिए सीधी ट्रेन
जम्मू, श्रीनगर, कोयमबटूर, कन्याकुमारी, बोकारो, मदुराई, कोलम, गांधीधाम, जयसलमेर, उदयपुर, बीकानेर, मेरठ, मुजफ्फरपुर, दुर्गापुर, धनबाद, भागलपुर, कटक, विजयवाडा, वारंगल, इंदौर, उज्जैन, सागर, चंडीगढ़, लखनऊ, गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, गोवा, हैदराबाद, मंगलूर, रांची, गोवा आदि।

>> रायपुर से सबसे ज्यादा हैदराबाद, इंदौर, बेंगलूर और गोवा जैसे शहरों के लिए सीधी ट्रेन की जरूरत है। इस बारे में दर्जनों बार रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ।
अशोक भूतड़ा, सचिव, दैनिक यात्री संघ

>> रायपुर रेलवे मंडल बन चुका है। राजधानी है, ऐसे में प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवा होना ही चाहिए। ऐसा नहीं होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी हो रही है।
राजकुमार जैन सदस्य, मंडल रेलवे सलाहकार समिति

>> प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन नहीं होना एक बड़ी समस्या है। इसका खामियाजा वही भुगतता है, जो ट्रेनें बदलकर सफर करता है। अभी भी दो दर्जन प्रमुख शहर रायपुर से दूर हैं, जिनके लिए ट्रेनों की जरूरत है।
कैलाश मुरारका, पूर्व सदस्य, छग रेलवे सलाहकार समिति





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