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एग्जाम फीवर

अंबिकापुर. exam बोर्ड की परीक्षा में बैठने वाले छात्र परीक्षा के लिए अंतिम स्तर की तैयारी में जी जान से जुट गए हैं। उनपर बोर्ड एग्जाम का फीवर हावी है। इस फीवर को लेकर 10वीं की परीक्षा में शामिल होनेवाले छात्र कुछ नर्वस हैं। 12वीं के छात्रों में आत्मविश्वास नजर आ रहा है।

उल्लेखनीय है कि 12वीं बोर्ड की परीक्षा आगामी 29 फरवरी से तथा 10वीं की परीक्षा 1 मार्च से शुरू हो रही है। परीक्षा के शुरू होने में अब कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। परीक्षा में बैठने वाले छात्र अपनी तैयारी में जी जान से जुटे हैं। वे अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं। तैयारी के शेष बचे समय का छात्र शत्-प्रतिशत् उपयोग करना चाह रहे हैं ताकि वे अच्छे परिणाम ला सकें। कुल मिलाकर बोर्ड के छात्रों को एग्जाम का फीवर है।

अधिक से अधिक नंबर लाने के लिए छात्र देर रात तक पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों की तैयारी को लेकर अभिभावक भी हाथ बंटा रहे हैं। उधर 10वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे छात्रों में बोर्ड की परीक्षा को लेकर भय भी है। वे कुछ नर्वस नजर आ रहे हैं। अधिक से अधिक नंबर लाने के लिए वे जी तोड़ मेहनत तो कर रहे हैं लेकिन बोर्ड के परीक्षा के नियम कायदों को लेकर उनमें चिंता बनी है।

इस मामले में 12वीं के छात्र आत्मविश्वास से परिपूर्ण नजर आ रहे हैं क्योंकि वे 10वीं बोर्ड में शामिल हो बोर्ड की परीक्षा के नियम कायदों को जान चुके हैं। वे बचे हुए समय का भरपूर सदुपयोग कर परीक्षा में अच्छे अंक लाने के प्रयास में हैं।

परीक्षा की तैयारियों के संबंध में कक्षा 10वीं के छात्र सुनील गुप्ता ने कहा कि वे रात में देर रात तक पढ़ाई करते हैं। इसके अतिरिक्त दोपहर में समय निकाल कर विषयवार तैयारी करते हैं। सुनील का कहना है कि बोर्ड की परीक्षा के नाम से डर लगता है इसलिए परीक्षा को लेकर अभी से मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

शिक्षा विभाग भी परीक्षा की तैयारी में व्यस्त
बोर्ड की परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा केंद्रों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परीक्षार्थियों के बैठने के लिए जहां कुर्सी-टेबलों की व्यवस्था की जा रही है वहीं प्रकाश एवं कमरे में हवा के लिए विद्युत का विस्तार कर टच्यूबलाइट एवं पंखे लगाए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा परीक्षा केंद्रों में प्रकाश, हवा तथा कुर्सी-टेबल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार सभी केंद्रों में उक्त दोनों व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जिले में बोर्ड की परीक्षा के लिए 115 केंद्र बनाए गए हैं।

टच्यूशन का भी सहारा
बोर्ड की तैयारी कर रहे छात्र घर में पढ़ाई करने के साथ-साथ अतिरिक्त टच्यूशन भी ले रहे हैं ताकि परीक्षा पूर्व विषयों के प्रoAों को हल करने में आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सके। इसके लिए वे अतिरिक्त समय दे रहे हैं। इधर तैयारी कराने के नाम पर कोचिंग सेंटरों एवं टच्यूशन देने वाले शिक्षकों द्वारा अपने-अपने संस्थान में अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जा रही हैं ताकि अधिक से अधिक बच्चों को शामिल कर सके।

टच्यूशन के नाम पर बच्चों के लिए अभिभावक सैकड़ों रूपए खर्च कर रहे हैं। ऐसे अभिभावक जो अपने बच्चों को कहीं बाहर पढ़ने के लिए भेजने की तैयारी में हैं वे बच्चों पर कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रहे हैं। ऐसे अभिभावकों का कहना है कि 12वीं के बाद ही बच्चों को अपना कैरियर चुनने का अवसर मिलता है।





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