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आयकरदाता को मिल सकती हैं रियायतें

नई दिल्ली:chidambramवित्त मंत्री पी चिदंबरम आयकर की न्यूनतम सीमा में 15,000-20,000 रुपए का इजाफा कर देते हैं तो एक आम करदाता को करीब 1,500-2,000 रुपए का लाभ मिल सकता है।

सरकार जिस तरह से मध्यवर्ग को लुभाने में लगी है, आयकरदाताओं को वित्त मंत्री पी चिदंबरम बजट 2008-09 में कुछ रियायतें दे सकते हैं।

आयकर चुकाने वालों को छूट देने का एक ठोस आधार यह भी है कि सरकार ने इस साल कर संग्रह में जबर्दस्त इजाफा किया है। कर संग्रह में इजाफे को देखते हुए दरों में कमी करने के लिए चिदंबरम पर काफी दबाव है।

क्या हो सकता है
-आयकर की न्यूनतम आय सीमा 1,10,000 रुपए से बढ़ाकर 1,25,000 रुपए या 1,30,000 रुपए की जा सकती है।
-तीस फीसदी कर दरों की न्यूनतम सीमा भी मौजूदा 2,50,000 रुपए सालाना से बढ़ाई जा सकती है। यह 2005-06 के बाद से समान है।
-कर छूट के सेक्शन 80सी की ऊपरी सीमा 1,00000 से बढ़ाकर 1,25000 या 1,50000 रुपए की जा सकती है।
-मकान पर कर्ज के ब्याज के रूप में डेढ़ लाख रुपए सालाना की छूट अभी उपलब्ध है। इसका पुनरावलोकन हो सकता है।
-नए इनकम टैक्स कोड के बारे में भी वित्त मंत्री बजट में घोषणा कर सकते हैं।

क्यों हो सकता है
1. सरकार के कर संग्रह में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। वित्त मंत्री को करदाता को भी बदले में कुछ राहत देनी होगी।
2. कर राहत मिलने से आम करदाता के पास ज्यादा आय होगी। इससे उपभोक्ता खर्च बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
3. आय के रूप में अतिरिक्त बचत के कारण उपभोक्ता निवेश भी ज्यादा कर सकता है।
4. टैक्स सलाहकार कंपनी केपीएमजी का कहना है कि भारत को निवेश प्रोत्साहित करने के लिए आयकर की स्लैब की पुनर्रचना करनी होगी।





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