अहमदाबाद.प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने1994 में वित्त मंत्री के रूप में सर्विस टैक्स की शुरुआत तीन सेवाओं से की थी। अब कर योग्य सेवाओं की संख्या 100 से ज्यादा हो गई है। वर्ष 2008-09 के बजट में सर्विस टैक्स के दायरे में स्वास्थ्य, शिक्षा और कानूनी सलाहकार सेवाएं भी दिखाई दें तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) की क्षतिपूर्ति के लिए गठित राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार संपन्न समिति ने भी जो फामरूला निकाला है, उसके तहत नए आइटम सर्विस टैक्स में जोड़े जाएंगे। उनसे होने वाली आय राज्यों को बांटी जाएगी।
कौन-कौन सी नई सेवाएं:
सर्विस टैक्स के दायरे में स्ववित्त पोषित स्कूल व कालेज, मनोरंजन पार्क की सेवाएं, वेंडिंग स्टाम्प पेपर, सिक्कों की मदद से चलती एम्यूजमेंट मशीनें व मनोरंजन देने वाली तमाम सेवाओं को सर्विस टैक्स के दायरे में लाया जा सकता
क्या हो सकता है :
वित्त मंत्री ने सिफारिशें मानीं तो मध्यमवर्गीय परिवार पर सर्विस टैक्स का का नया भार आने वाला है। 2008-09 से शुरू होने वाले नये शैक्षणिक सत्र से निजी कॉलेज व स्कूलों की फीस पर 12.36 फीसदी सर्विस टैक्स चुकाना पड़ सकता है। इसके अलावा मनोरंजन के साधनों पर भी सर्विस टैक्स लग सकता है।
एक गणित:
दो बच्चे एक स्ववित्त पोषित स्कूल में पढ़ते हैं और उनकी मासिक फीस 500 रुपए है, तो अभिभावकों को हर महीने 1000 रुपए के अलावा सर्विस टैक्स के नाम पर 124 रुपए ज्यादा चुकाने होंगे। एम्यूजमेंट पार्क की सेवाओं को भी सर्विस टैक्स के दायरे में शामिल करने से छोटे बच्चों का मनोरंजन भी महंगा हो सकता है।
निर्यात से जुड़ी तीन सेवाओं को छूट :
निर्यातकों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने तीन नई सेवाओं को सर्विस टैक्स की छूट उपलब्ध कराई है। इनमें कूरियर व गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसियां शामिल हैं। निर्यात के माल का परिवहन करने वाली वे एजेंसियां इसमें होंगी, जो कंटेनर डिपो, पोर्ट व एयर पोर्ट को परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। रेल के जरिए माल परिवहन की सेवा देने वाली एजेंसियां भी इसमें शरीक होंगी। अब छूट हासिल करने वाली सेवाओं की संख्या 13 हो गई है।