इंदौर/उज्जैन. रेल बजट में संभावित इंदौर-अजमेर/उदयपुर नई ट्रेन रतलाम-जावरा-मंदसौर-नीमच होकर चलने के आसार बन रहे हैं। इसके लिए रतलाम रेल मंडल ने भी हरी झंडी दे दी है। पहले यह ट्रेन पश्चिम रेलवे के अड़ंगे के कारण रतलाम-नागदा-कोटा होकर चलाने का प्रस्ताव था। सांसद सुमित्रा महाजन (इंदौर) और डॉ. सत्यनारायण जटिया (उज्जैन) भी इसे लेकर रेलवे बोर्ड पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं।
‘भास्कर’ ने 2 फरवरी को खुलासा किया था कि पश्चिम रेलवे मुख्यालय, मुंबई के अधिकारी अजमेर ट्रेन को लंबे रूट से चलाने पर अड़े हैं। नई ट्रेन इंदौर-उज्जैन-नागदा-कोटा-चित्तौड़गढ़ होते हुए अजमेर चलेगी तो 711 किलोमीटर सफर तय करना होगा।
वहीं नागदा-रतलाम- नीमच-चित्तौड़गढ़ होते हुए अजमेर भेजने पर दूरी 497 किलोमीटर रह जाएगी। इससे यात्रा समय और किराया भी कम होगा। उसके बाद सांसदों ने रेलवे से बात की तब रतलाम मंडल ने रूट क्लियरेंस जारी कर रतलाम-नागदा होकर चलाने की अनुमति दी।
जटिया ने दिए दो विकल्प-प्रस्तावित गाड़ी का रूट बदलने के लिए डॉ. जटिया ने रेलवे अधिकारियों को दो विकल्प सुझाए। एक गाड़ी का रूट बदलें या उज्जैन से जावरा-नीमच रूट पर अजमेर-उदयपुर के लिए नई गाड़ी चलाएं।
डीआरएम ने की पुष्टि- डीआरएम प्रभातकुमार वाजपेयी ने भी नई ट्रेन रतलाम-जावरा-मंदसौर-नीमच-चित्तौड़गढ़ रूट से चलाने का प्रस्ताव भेजने की पुष्टि की और कहा अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड करेगा।