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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. उपनगर ग्वालियर के चार शहर का नाका इलाका में मकान की छत गिरने से पूरा परिवार दब गया। मलबे में दबे परिवार को निकालते-निकालते एक बच्चे की मौत हो गई जबकि परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए। घटना मंगलवार देर रात की है।
पुलिस के अनुसार, चार शहर का नाका स्थित शिव विहार में गंगासिंह पाल का मकान है, इसने मकान का एक कमरा दो-ढाई साल पहले बनवाया था। मकान की छत बनवाते समय गंगासिंह पाल ने ध्यान नहीं दिया और लेन्टर दीवार में मजबूती से नहीं लगवाया।
रात लगभग एक बजे यही लेन्टर गंगासिंह के परिवार के लिए मुसीबत का सबब बन गया। लेन्टर अपनी जगह से खिसका और छत की पटिया खिसककर कमरे में सो रहे इसके परिजनों के ऊपर आ गिरीं।
बताया जाता है पटिया गिरने से हुई धमाके की आवाज सुनकर गंगासिंह के पड़ोसी भी आ गए और उन्होंने पुलिस को सूचना देने के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया। गंगासिंह पाल (55), सुनीता बाई, कु. मीना, अवधेश, रामपाल घायल हालत में मलबे से निकले, इन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
मलबा हटाने के लिए पुलिस ने फायर ब्रिगेड को भी बुलवा लिया। दमकल दस्ते द्वारा मलबा हटाने के दौरान गंगासिंह का बेटा राहुल (8) भी दबा हुआ मिला। मलबे से निकाले जाने से पहले ही राहुल की मौत हो चुकी थी।
मदद के लिए आगे आए लोग : हादसे के बाद मौके पर पहुंचे सरकारी अमले के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और जनकल्याण संघर्ष समिति ने पीड़ित परिवार को मदद मुहैया कराने में सक्रियता दिखाई। समिति पहल पर प्रद्युम्न तोमर, रामविलास गोस्वामी, देवेन्द्र राठौर, रमेश कुशवाह, रामनरेश तिवारी, मानसिंह राजपूत आदि ने 18 हजार रुपए की राशि एकत्र कर पीड़ित परिवार को दी।
सिटी मजिस्ट्रेट शरद श्रोत्रिय ने प्रभावित परिवार को दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता जिला प्रशासन की ओर से दिए जाने की घोषणा की। इसके अलावा महापौर विवेक शेजवलकर की ओर से प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे पार्षद महेश गौतम और देवेन्द्र तोमर ने बीस हजार रुपए की सहायता राशि मुहैया कराई।