बीकानेर. स्वास्थ्य भवन में बुधवार को हुई एनआरएचएम वर्कशॉप में जहां योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बात हुई वहीं इस योजना को ब्लॉक स्तर पर संचालित करने के लिए बनी योजना का भी खुलासा हआ। मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू मेघवाल ने स्लाइड-शो के जरिये मिशन के उद्देश्य, कार्यप्रणाली आदि समझाई। उन्होंने बताया, 2005 से चालू हुआ मिशन वर्ष 2012 तक चलेगा।
इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाना व स्वास्थ्य संबंधी सभी विभागों को जोड़ना है। इसी कड़ी में आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे लाना भी शामिल है। आशा सहयोगिनियों की भूमिका, जननी सुरक्षा योजना के लाभ और लाभन्वितों का आंकड़ा जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने चर्चा की। मेघवाल ने बताया, अब योजना का संचालन ब्लॉक स्तर से भी होगा। इसके लिए ब्लॉक का प्रशासनिक ढांचा तैयार हो रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में अकाउंटेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर व प्रबंधक रहेगा।
डिप्टी सीएमएचओ डा.जे.पी.लखोटिया ने योजना के तहत स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध करवाए जाने वाले संसाधनों, अनटाइड फंड, आशा सहयोगिनी, प्रसूता को दी जाने वाली सहायता-सुविधा आदि का जिक्र किया। पंचायत समिति प्रधान तुलसीराम मूंड ने कहा, स्वास्थ्य केन्द्रों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में उपलब्ध करवाए जा रहे वित्तीय संसाधनों का ब्यौरा ग्राम पंचायतों के सभी सदस्यों को भी उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
लेखा प्रबंधक राजेश सिंगोदिया ने मिशन की वित्तीय स्थिति बताई। उपनिदेशक डा. प्रमिला सहगल ने इसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बेहतरीन योजना बताते हुए सभी वर्गो की भागीदारी की जरूरत बताई। उपखंड अधिकारी सुदर्शन भयाना, विकास अधिकारी हजारीलाल, मनमोहन यादव, ब्लॉक सीएमओ अनिल वर्मा, विजय कुमार जिंदल, हिमांशु कालड़ा, कुसुम पेड़ीवाल सहित मिशन के कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में मौजूद थे।