बीकानेर. डीएलसी रेट के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी ने मंडी परिसर को दुकानों की लोकशन के हिसाब से तीन हिस्सों में बांटा है। फ्रंट में व अधिक कीमत वाली दुकानों को ए ब्लॉक, मध्यम कीमत वाली दुकानों के हिस्से को बी ब्लॉक व इंदिरा कॉलोनी से सटती पिछवाड़े की दुकानों को सी ब्लॉक की श्रेणी में रखा गया है।
डीआईजी स्टांप एम.एल.नेहरा के मुताबिक ए ब्लॉक में स्थित दुकानों-भूखंडों की कीमत सात सौ रुपए प्रतिवर्ग फीट, बी ब्लॉक में छह सौ रुपए व सी ब्लॉक में पांच सौ रुपए प्रतिवर्ग फीट रेट तय की गई है।
जिला कलेक्टर शिखर अग्रवाल की मौजूदगी में हुई इस मीटिंग में बीकानेर शहर विधायक बुलाकीदास कल्ला, कोलायत विधायक देवीसिंह भाटी, लूणकरणसर विधायक वीरेन्द्र बेनीवाल, पंचायत समिति प्रधान तुलसीराम मूंड, सब-रजिस्ट्रार धर्मपालसिंह आदि मौजूद थे। 16 फरवरी को हुई कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णयों में बीकानेर शहर की कृषि उपज मंडी के साथ ही ग्रामीण मंडियों की रेट पर भी निर्णय लिए गए।
‘डीएलसी दरों पर विचार कर उनका अनुमोदन कर दिया गया है। नई दरें अब प्रभावी हैं। मंडी समिति में दर निर्धारण का मसला भी ब्लॉकवार दर निर्धारण कर हल किया गया है।’
-शिखर अग्रवाल, जिला कलेक्टर
‘बीकानेर मंडी के साथ ग्रामीण मंडियों की दरों पर भी विचार कर निर्णय लिए गए हैं। बीकानेर मंडी को तीन श्रेणियों में बांटकर दरें तय की गई है।’
-वीरेन्द्र बेनीवाल, विधायक लूणकरणसर
परकोटे के भीतरी शहर में पांच फीसदी रेट बढ़ी
डीएलसी रेट तय करने के लिए हुई कमेटी की बैठक में मंडी सहित शहर के अन्य हिस्सों की दरों पर भी पुनर्विचार हुआ। नेहरा के मुताबिक परकोटे के भीतरी शहर में अलग-अलग इलाकों के लिए लागू रेट में पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। रेट निर्धारण में ध्यान यह रखा गया है कि मार्केट में चल रही रेट से डीएलसी की दर 60 से 70 प्रतिशत के मध्य हो।
परेशान थे व्यापारी
मंडी में मालिकाना हक देने के प्रावधान के बाद से ही मंडी के व्यापारी-किसान परेशानी में थे। मंडी परिसर की अलग से डीएलसी रेट न होने से संभावना जताई जा रही थी कि समता नगर की हाई रेट मंडी पर लागू की जाएगी। ऐसे में एक दुकान की कीमत लगभग 15 लाख रुपए तक हो जाती थी। इसी मुद्दे पर व्यापारियों ने जिला कलेक्टर, सब रजिस्ट्रार, जनप्रतिनिधियों आदि से मिलकर मंडी की वाजिब रेट तय करने की मांग भी उठाई थी।
कच्ची आढ़त संघ के अध्यक्ष रिद्धकरण सेठिया, अनाज कमेटी के भगवानदास बिन्नाणी के साथ व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने जहां अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे वहीं मंडी उपज समिति के उपाध्यक्ष मोहन सुराणा ने मुख्यमंत्री के गंगाशहर दौरे के समय भी इस मुद्दे को उठाया था। हाल ही उन्होंने सीएम को लिखी चिठ्ठी में डीएलसी रेट व आबंटन नीति के मुद्दे हल करने की मांग भी उठाई है।