न्यूयॉर्क.
ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं के अनुसार महिला के बालों के परीक्षण से यह पता लगाया जा सकता है कि उसे ब्रेस्ट कैंसर है या नहीं। जांच का यह तरीका अब तक काफी कारगर साबित हुआ है। इसके बावजूद इस परीक्षण को बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले इसकी पूरी प्रक्रिया को दोबारा जांचा-परखा जा रहा है।
सिडनी के फर्मिस्केन लिमिटेड के वैज्ञानिकों डॉ. गैरी कोरिनो और डॉ. पीटर फ्रेंच द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, महिला के बाल का एक्स-रे किए जाने पर ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला के बालों में अल्फा-केराटिन द्वारा बनाया गया पैटर्न एक स्वस्थ महिला की तुलना में अलग पाया गया है। यह शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर के ताजा अंक में प्रकाशित किया गया है। शोध के दौरान ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित 13 महिलाओं और 20 अन्य स्वस्थ महिलाओं के बालों का परीक्षण किया गया है।
छल्ले से होती है पहचान
परीक्षण के दौरान ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं के बालों के पैटर्न में एक हल्का सा छल्ला पाया गया है। शोधकर्ताओं ने इसी छल्ले को ब्रेस्ट कैंसर की पहचान बताया है। कोरिनो और फ्रेंच ने बताया कि कीमोथैरेपी जैसे उपचारों से गुजरने वाली महिला मरीजों में समय के साथ छल्लों की दृश्यता अगर कम हो जाती है तो इसका मतलब यह है कि उपचार से मरीज को लाभ हो रहा है। कैंसर ठीक होने के दौरान ये छल्ले पहले हल्के और फिर गायब हो जाते हैं।