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'निषेध पर निषेध' चाहते हैं राज ठाकरे

मुंबई. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को सत्र अदालत की शरण ली और मांग की कि पुलिस के उस आदेश को बेअसर किया जाए जो उन्हें मुंबई में रैलियां करने से रोक रहा है।

इस महीने की शुरुआत में उत्तर भारतीयों के खिलाफ अपने बयानों से महाराष्ट्र भर में हिंसा को बढ़ावा देने वाले राज ठाकरे के खिलाफ पुलिस ने आदेश देते हुए कहा था कि शहर में शांति बनाए रखने के लिए वे किसी रैली, प्रदर्शन, जुलूस में हिस्सा नहीं लेंगे और न ही बयानबाजी करेंगे और न प्रेस कॉंफ्रेंस करेंगे।

यह आदेश डीसीपी विजय सिंह जाधव ने 14 फरवरी को जारी किया था जो कि 25 फरवरी तक के लिए असर में है। राज के वकील ने आज अदालत में इस आदेश की समीक्षा के लिए याचिका दाखिल की है जिस पर शुक्रवार को सुनवाई की जाएगी।

सेना भेजेगी मजदूर :
इस महीने के शुरुआती दो हफ्तों में उत्तर भारतीयों के खिलाफ महाराष्ट्र में हुई हिंसा के कारण कई उत्तर भारतीयों ने पलायन किया है। नासिक में उद्योगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है क्योंकि मजदूर वर्ग के कई उत्तर भारतीय पलायन कर गए हैं। इस समस्या पर राजनीति करते हुए मराठी कार्ड राज ठाकरे से छीनकर शिवसेना ने कहा है कि नासिक में उद्योगों को वह मराठी मजदूर मुहैया कराएगी।

शिवसेना के नासिक अध्यक्ष सुनील बगुल ने कहा है कि पलायन से सतपुर और अंबाड़ के उद्योगों पर बुरा असर पड़ा है और शिवसेना इन उद्योगों को मराठी मजदूर मुहैया कराने की इच्छुक है।





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