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मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह मप्र में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनअसंतोष भड़काकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने केंद्र पर एपीएल गेहूं का कोटा बढ़ाने के मामले में भी भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने साफ कहा कि राज्य मंत्रिमंडल का फिलहाल विस्तार करने का उनका कोई इरादा नहीं है,लेकिन शिक्षा मंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ के विभाग शीघ्र किसी अन्य मंत्री को सौंप दिए जाएंगे।

श्री चौहान शुक्रवार को भोपाल में सेंट्रल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मप्र को दामोदर वैली कापरेरेशन से मिलने वाली 397 मेगावाट बिजली काट दी। बिरसिंहपुर और अमरकंटक थर्मल पावर प्लांट के निर्माण में भेल प्रबंधन द्वारा अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।

इस बारे में वे उच्च स्तर से भी भेल को शीघ्र प्लांट का काम पूरा कराने के निर्देश दिलवा चुके है। एक अन्य सवाल के जवाब में श्री चौहान ने आरोप लगाया कि चुनावी वर्ष में केंद्र सरकार भी भेदभाव कर रही है। प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह और केंद्रीय कृषि मंत्री से बार-बार आग्रह करने के बावजूद मप्र का एपीएल गेहूं का कोटा नहीं बढ़ाया गया,जबकि पंजाब को मप्र की तुलना में काफी गेहूं का कोटा दिया गया है। प्रदेश में सूखे के संकट से निपटने के लिए केंद्र ने एक नए पैसे की मदद नहीं दी है।

मोदी माडल हर राज्य पर लागू नहीं हो सकता: सीएम ने स्पष्ट किया कि मप्र में मोदी माडल पर विधानसभा चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी मॉडल मप्र के संदर्भ में अप्रासंगिक है। हर राज्य की अपनी विशेषता,स्वभाव और आवश्यकताएं होती है। इसलिए कोई एक माडल प्रत्येक राज्य पर लागू नहीं हो सकता है। हम अपनी जरूरत के मान से आगामी चुनाव की रणनीति बनाएंगे।

कांग्रेस शासित राज्यों की तुलना में मप्र में बिजली की स्थिति बेहतर

सीएम ने दावा किया कि भाजपा सरकार के राज में बिजली का उत्पादन बढ़ा है। यहां किसी भी कांग्रेस शासित राज्यों की तुलना में बिजली की स्थिति बेहतर है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सरप्लस बिजली होने पर हमनें सोची समझी रणनीति के तहत बिजली बेची थी और उस राशि से जरूरत पड़ने पर बिजली खरीद कर किसानों को दी।

अलग बुंदेलखंड राज्य की आवश्यकता नहीं

मुख्यमंत्री ने मंजूर किया कि बुंदेलखंड प्रदेश के बेहद पिछड़े इलाकों में से एक है,लेकिन उनकी व्यक्तिगत राय है कि बेहतर विकास के लिए अलग राज्य बनाने की जरुरत नहीं है। राज्य की भाजपा सरकार ने बुंदेलखंड के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। सागर में मेडिकल कालेज की बहुप्रतीक्षित मांग को सरकार ने मंजूर कर इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी फोरम पर पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग के बारे में चर्चा कर दृष्टिकोण तय किया जाएगा।

विकलांग और डाक्टर पंचायत होगी

मुख्यमंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि शीघ्र उनकी मंशा विकलांगों की समस्याओं को जानककर उसका निराकरण करने के उद्देश्य से विकलांग पंचायत करने और डाक्टरों से रूबरू बात करने के लिए डाक्टर पंचायत करने की है।

पचौरी अपने राजनीतिक दायित्व का निर्वहन कर रहे है

श्री चौहान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी के इस आरोप को निराधार बताया कि भाजपा सरकार कांग्रेसजनों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा उनका न तो स्वभाव है और न फितरत। उन्होंने कटाक्ष किया कि यह आरोप लगाकर श्री पचौरी अपने राजनीतिक दायित्व का निर्वहन कर रहे है।





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