परासिया (छिंदवाड़ा).
छिंदवाड़ा जिले में परासिया से आठ किमी दूर जंगल में जमीन से धुआं निकलने से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीण बताते हैं कि पिछले एक महीने से धुआं निकल रहा था, लेकिन गुरुवार शाम को धुआं इतना तेज हो गया कि एक किमी दूरी से नजर आ रहा है। कोयलांचल के बड़कुही में पहले जमीन में दरार उभरी बाद में धुआं निकलना शुरू हो गया है। धुएं के रिसाव की जगह पर एक बड़ा गड्ढा उभर आया है।
यहां सुबह-शाम तेजी से धुआं निकलता है। आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने इस धुएं से बच्चों को खांसी होने की शिकायत की है। इस क्षेत्र में नीलगिरी के पेड़ बड़ी तादाद में हैं। जमीन के गर्भ से निकलने वाले धुएं के प्रभाव से नीलगिरी के दर्जनों हरे पेड़ सूख गए। बड़कुही उपसरपंच मुरली कहते हैं कि जमीन की सतह के नीचे बंद हो चुकी भूमिगत कोयला खदान में मौजूद गैस का रिसाव दरारें से हो रहा है। यहां से निकलने वाला धुआं मानव के लिए घातक है। जनपद सदस्य कौशल कैथवास कहते हैं कि जमीन से जारी धुएं के रिसाव की घटना ढाई साल पहले भी इसी स्थान से पचास मीटर दूरी पर नजर आई थी किन्तु उस समय यह छोटे रूप में थी।
वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) द्वारा यहां मिट्टी का पुराव करके रिसाव को रोका दिया था किन्तु इस बार धुएं का रिसाव अधिक मात्र में हो रहा है। मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। नायब तहसीलदार एमआर धुर्वे का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। पेंच क्षेत्र के कोयला खदान प्रबंधन को पत्र लिखा जा रहा है। वेकोलि पेंच के पर्यावरण अधिकारी केएल सोनी का कहना है कि अंडर ग्राउंड कोयला खदानों में कई तरह की गैसें होती हैं। खदान बंद करने के बाद हो सकता है इस क्षेत्र में अधिक गैस बन गई हो जो धुएं के रूप में निकल रही है। मिट्टी डालकर रिसाव स्थल को भरने का प्रयास किया जाएगा।