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शाम के बाद बेलगाम हो जाते हैं वाहन

इंदौर. गुरुवार रात एबी रोड पर वॉल्वो बस द्वारा छात्र लविश सक्सेना को कुचल देने के बाद फिर से यह तथ्य सामने आया है कि इस रोड पर दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। शहरी क्षेत्र में एबी रोड के एलआईजी तिराहे से देवास नाके तक का हिस्सा खतरनाक हो गया है। इसी तरह राजीव गांधी प्रतिमा से राऊ तक का ट्रैफिक कई बार जानलेवा हो जाता है। शाम के बाद तो वाहन बेलगाम हो जाते हैं। जल्दबाजी में ओवरटेक और तेज गति मौत का कारण बन रहे हैं।

इसलिए बनी यह स्थिति

इन दोनों हिस्सों को छोड़कर बाकी हिस्से में डिवाइडर है। वनवे होने से दुर्घटनाएं कम होती हैं। स्कूल, कॉलेज, दफ्तर आने-जाने का समय सुबह 9 से 11 व शाम को 5 से 8 बजे के बीच रहता है। इस दौरान मार्ग पर दबाव ज्यादा रहने से गति कम रहती है लेकिन इसके बाद स्थिति विपरीत है। रात 8 बजे बाद ट्रैफिक अपेक्षाकृत कम होता है जिससे वाहनों की गति पर कोई नियंत्रण नहीं होता।

एलआईजी तिराहे से देवास नाके के आगे तक डिवाइडर नहीं है। पलासिया से आने वाले वाहन रोटरी तक धीमी गति में आते हैं लेकिन इसके बाद रोड चौड़ा होने से चालक अचानक गति तेज कर देते हैं। ऐसे में ओवरटेक करने के प्रयास में दुर्घटनाएं होती है।

ऐसी ही स्थिति विजयनगर रोटरी से एलआईजी तिराहे तक की है। रात को यहां से वाहन तेज गति निकलते हैं और तिराहे पर आते ही गति कम करना होती है लेकिन ऐसा होता नहीं। यहां औसतन माह में 15 से ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं जबकि हर साल 10 से ज्यादा लोग मौत के मुंह में चले जाते हैं।

राजीव गांधी प्रतिमा से राऊ तक भी बस और ट्रक की गति पर लगाम नहीं है। इस मार्ग पर भी हर साल 15 से ज्यादा लोग मौतें होती है जबकि सौ से ज्यादा घायल होते हैं।

ऐसे रोकी जा सकती है दुर्घटनाएं

ट्रैफिक जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। ठ्ठ बसों में स्पीड राडार लगाने का पालन किया जाए।

दोपहिया वाहन चालक खुद गति पर नियंत्रण रखें। तेज गति से ओवरटेक न करें। रोड पार करना हो तो साइड देने के बाद ही मुड़े।

हाथ ठेले सहित अतिक्रमण जो रोड किनारे हैं, उन्हें हटाया जाए।





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