इंदौर. दुनिया की सबसे बड़ी चाय पार्टी के लिए सारी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। शुक्रवार को महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा ने कलेक्टर विवेक अग्रवाल, एसपी अंशुमान यादव व निगम अफसरों के साथ नेहरू स्टेडियम का दौरा किया। आने वालों को आयोजनस्थल के अंदर व बाहर कोई असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इस ऐतिहासिक चाय पार्टी के लिए नेहरू स्टेडियम की गैलरियों और मैदान में 22 ब्लॉक बनाए गए हैं। एक ब्लॉक में अधिकतम 1848 लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। प्रत्येक ब्लॉक के बीच लोगों के आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी गई है। प्रत्येक गेट पर 20-20 निजी सुरक्षाकर्मी और पुलिस अफसर मौजूद रहेंगे। प्रत्येक पार्किग स्थल पर भी 20-20 सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा आयोजन स्थल पर ढाई हजार स्वयंसेवक लोगों की मदद के लिए मौजूद होंगे। स्टेडियम में प्रवेश साढ़े तीन बजे शुरू होकर साढ़े चार बजे बंद हो जाएगा। इससे पहले चार बजे से मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शुरू हो जाएंगी।
हजारों कप में एक -सा रंग और स्वाद
हरू स्टेडियम में जब हजारों लोग एकसाथ चाय पीकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे। ठीक उसी समय दर्ज होगा एकसाथ 50 हजार कप चाय बनाने और बांटने का रिकॉर्ड। इसकी तैयारी में जुटे हैं चीफ एक्जीक्यूटिव शेफ डी.बी. भंडारी, शेफ गिरीश दुबे, अरुण खानकर, मनोज यादव, निशांत भार्गव, राजाराम, चंद्रप्रकाश, प्रदीप, सुनीलकुमार, स्वप्न, मुनीब और टीम। आईपीएस के होटल मैनेजमेंट के लगभग 50 विद्यार्थी भी सहयोग करेंगे। सर्व करने के लिए भी लगभग 150 लोगों की टीम होगी। सभी का ड्रेसकोड एक ही होगा। श्री भंडारी बताते हैं हमारे लिए भी यह वर्ल्ड रिकॉर्ड है क्योंकि इससे पहले कहीं भी इतनी चाय एकसाथ नहीं बनाई। सभी कप में एक-सा स्वाद और रंग ही हमारी चुनौती है जिसकी ट्रायल 10-12 दिन से चल रही है।
बिना पास नहीं मिलेगा प्रवेश
गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड की टीम लोगों की गणना तीन स्तर पर करेगी। सबसे पहले गेट से प्रवेश करते ही पास का एक हिस्सा ले लिया जाएगा। इसके बाद होगा इलेक्ट्रॉनिक गेट, जो ऑटोमेटिक गिनती करेगा। इसके बाद पास का दूसरा हिस्सा काटकर अलग किया जाएगा। तीनों तरह से संख्या की पुष्टि के बाद विश्व रिकॉर्ड प्रमाणित करेंगे। सभापति शंकर लालवानी, एमआईसी सदस्य अनिल बिंदल, एडीएम रमेश भंडारी, एडीशनल एसपी महेशचंद्र जैन, अपर आयुक्त विवेक सिंह एसडीएम के.आर. जैन, सीएसपी इरमिन शाह, ट्रैफिक डीएसपी अंजना तिवारी और निगम इंजीनियर ओ.पी. दुबे भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।