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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. कोरबा में 250 मेगावाट के दो नए संयंत्र स्थापित होने से राज्य में बिजली का संकट खत्म नजर आ रहा है। आज की स्थिति में राज्य में 22 सौ मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, वहीं खपत 2 हजार मेगावाट ही है। गर्मी में इसमें 150 मेगावाट की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन विद्युत मंडल पूर्ति में कोई दिक्कत नहीं होने की संभावना जता रहा है।
अगर सब कुछ ठीक रहा तो उपभोक्ता इस गर्मी में एसी व कूलर का भरपूर सुख ले सकेंगे। किसानों के पंप चलें तो भी दिक्कत नहीं होगी। सरकारी दफ्तरों में दोपहर में अपना एसी बंद रखने की बाध्यता नहीं रहेगी। गौरतलब है कि गए साल राज्य में बिजली की कुल उपलब्धता केवल 18 सौ मेगावाट ही थी, जबकि उस दौरान बिजली की खपत 22 सौ मेगावाट होने के कारण राज्य में बिजली की पूर्ति नहीं हो पाई। यही कारण है कि बिजली संकट से बचने के लिए ब्लाक व ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे सहित जिला मुख्यालयों में भी एक से दो घंटे बिजली कटौती की गई थी। कटौती का सिलसिला करीब चार माह लगातार चला था।
इसके विपरीत भरी दुपहरी में बिजली बंद होने संबंधी उपभोक्ताओं की शिकायत इस गर्मी में नहीं रहेगी। कोरबा में 250 मेगावाट का इकाई स्थापित किया गया है, जिससे उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। कोरबा में ही स्थापित एक और इकाई से फरवरी के अंत तक 250 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। इसी तरह जिंदल से भी 3 सौ मेगावाट बिजली की खरीदी की जा रही है। ऐसी स्थिति में राज्य में फरवरी के अंत तक बीते साल की तुलना में पांच सौ मेगावाट बिजली अधिक पैदा होगी।