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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur रायपुर.
मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह वित्तीय वर्ष 2008-09 के लिए छत्तीसगढ़ का बजट शनिवार को विधानसभा में पेश करेंगे। करीब 18 हजार 200 करोड़ रुपए के बजट में नए टैक्स की संभावना नहीं है। राज्य में जो प्रचलित कर हैं, उनकी दरों में कुछ घट-बढ़ हो सकती है। आम आदमी, गरीबों और किसानों को समर्पित बजट में नवंबर के विधानसभा चुनाव की छाया रहेगी। बजट में गरीबों को तीन रुपए किलो चावल देने के लिए सरकार ने पैसों का इंतजाम खुद किया है।
योजना राज्य मद से संचालित की जाएगी। इसके लिए बजट में 800 करोड़ रुपए रखे जा रहे हैं। सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के लिए विशेष रूप से राशि का प्रावधान किए जाने की संभावना है। सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए छोटी-छोटी योजनाएं बजट में रहेंगी। हर स्कूल का भवन, हर बसाहट में आंगनबाड़ी और अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए अनेक प्रावधान किए जा सकते हैं। सुबह 10 बजे कैबिनेट से मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री विधानसभा के विशेष सत्र में कल दोपहर 1१ बजे बजट पेश करेंगे।
गरीबी घटी लोगों की
राज्य के हर व्यक्ति की आमदनी पिछले साल के 19557 रुपए सालाना से बढ़कर 22605 रुपए हो गई। इसमें 15.59 प्रतिशत का इजाफा है। इस तरह राज्य का हर व्यक्ति अब औसतन 1883 रुपए महीना कमा रहा है। अगले वर्ष यानी 2007-08 में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 25415 रुपए वार्षिक हो जाएगी यानी दो हजार रुपए महीने से भी ज्यादा। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने बजट के पहले आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2007-08 के लिए राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। इसमें वर्ष 2006-07 की अवधि के लिए राज्य के सकल घरेलू उत्पाद तथा विभिन्न क्षेत्रवार विकास की स्थिति का आंकलन किया गया है। वर्ष 2007-08 के लिए अनुमान भी लगाया गया है।
जीडीपी 9.14 फीसदी : वर्ष 2006-07 में प्रचलित भाव पर राज्य का सकल घरेलू उत्पादन 59 हजार 321 करोड़ रुपए है। वर्ष 2005-06 की तुलना में 9.14 की वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि 9.6 प्रतिशत है। 2007-08 में छत्तीसगढ़ में वृद्धि की दर 7.51 प्रतिशत अनुमानित है।
कृषि, खनिज में बूम : प्राथमिक क्षेत्र जिसमें कृषि, वन और खनिज को लिया जाता है, सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि की दर 6.32 प्रतिशत दर्ज की गई है। कृषि क्षेत्र में यह वृद्धि 4.29 प्रतिशत है। द्वितीयक क्षेत्र में वृद्धि 8.05 प्रतिशत है। सेवा क्षेत्र में वृद्धि की दर 10.93 प्रतिशत है।
महत्वपूर्ण उपलब्धि : दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-2007) में सकल घरेलू उत्पाद में 8.68 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। योजना में वृद्धि का लक्ष्य 6.10 प्रतिशत अनुमानित था।