हेल्थ. भोजन में नमक की मात्रा को कम रखकर मोटापे से बचाव किया जा सकता है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने लंबे शोध के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। शोध के अनुसार जो बच्चे भोजन में कम नमक खाते है वे शुगरी सॉफ्ट ड्रिंक से बहुत हद तक दूर रहते हैं। इससे उनमें हाई ब्लडप्रेशर और मोटापे की समस्या आम बच्चों से कम रहती है। ऐसे बच्चों को भविष्य में हार्ट अटैक की भी कम आशंका होती है।
लंदन स्थित सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी के डॉ. फेंग ही के अनुसार यदि चार से 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चे अपने खाने में नमक की मात्रा कम करके आधे तक ले आएं तो वे हफ्ते भर में औसतन दो शुगरयुक्त सॉफ्ट ड्रिंक कम पीते हैं। ऐसे में हर सप्ताह वे करीब 250 किलो कैलोरी कम लेंगे।
रिसर्च के दौरान डॉ. ही और उनके सहयोगियों ने ब्रिटेन के 4 से 18 वर्ष की उम्र के करीब 2000 बच्चों पर अध्ययन किया, इनमें से ज्यादातर बच्चों द्वारा लिए जाने वाले नमक और लिक्विड की मात्रा को डायरी में नोट किया गया।
इस दौरान पाया गया कि जो बच्चे कम मात्रा में नमक खाते है, अमूमन तरल पदार्थ का भी कम प्रयोग करते हैं। एक अनुमान के अनुसार यदि आप अपने रोजाना के नमक की मात्रा एक ग्राम कम करते हैं तो आपकी डाइट से लिक्विड की मात्रा भी प्रतिदिन 100 ग्राम तक कम हो जाती है।
डॉ. ही कहते हैं कि यदि बच्चे द्वारा रोजाना लिए जाने वाले नमक की मात्रा को चेक किया जाए, लो साल्ट खाद्य उत्पादों को चुना जाए और कुकिंग के दौरान कम नमक का प्रयोग किया जाए तो बेहद अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।