बीजिंग.
ओलंपिक के दौरान अमेरिका अपने खिलाड़ियों के लिए स्वदेश से ही भोजन सामग्री भेजने की योजना बना रहा है। चीन ने इस पर निराशा जताई है। चीन में हाल के दिनों में कुछ उत्पादों में शिकायत आने और खाद्य उत्पादन में भारी मात्रा में कीटनाशकों के उपयोग की खबरों से अमेरिका चिंतित है। इसलिए उसने इस साल ओलंपिक खेलों के दौरान अपने खिलाड़ियों के दल के साथ ही रसोइए और पर्याप्त मात्रा में मांस और दूसरे खाद्य पदार्थ भेजने की योजना बनाई है।
चीन ने की आलोचना
बीजिंग में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान बीजिंग ओलंपिक आयोजन समिति की वरिष्ठ अधिकारी कांग यी ने कहा, ‘मुझे तरस आ रहा है कि अमेरिका ने हमारे खाने पर भरोसा न जताने और अपने खिलाड़ियों के लिए भोजन स्वदेश से लाने का फैसला किया है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपनी इस योजना के बारे में हमारे विभाग को आधिकारिक रूप से सूचना नहीं दी है।
अंतरराष्ट्रीय मानक से बेहतर
कांग यी ने जोर देकर कहा, ‘ओलंपिक के दौरान एथलीटों क ो जो भोजन दिया जाएगा वो अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों से भी बेहतर होगा।’ जब उनसे यह पूछा गया कि हाल में ऐसे आरोप लगे थे कि बाजार में मौजूद चिकन में ऐसे हार्मोन हैं जिसे खाने के बाद एथलीट डोप टेस्ट में पॉजीटिव पाए जा सकते हैं।
इसके जवाब में बीजिंग नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि इन आरोपों के कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में हमें अभी तक कोई भी वैज्ञानिक रिपोर्ट नहीं मिली है।
अमेरिकी दल में 600 सदस्य
8 से 24 अगस्त तक चलने वाले बीजिंग ओलंपिक के लिए अमेरिका दल में 600 से अधिक सदस्य होंगे और इनमें से अधिकतर खेल गांव के बजाए प्रशिक्षिण शिविर में ही खाना खाएंगे। खेल गांव में 17 हजार खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है और एक साथ छह हजार लोग खाना खा सकेंगे।
कुछ अन्य देश भी मुहिम में शामिल
वैसे अपने साथ ओलंपिक में भोजन लेकर पहुंचने की योजना बनाने वालों में अमेरिकी अकेले नहीं है। कुछ और देश भी खिलाड़ियों के लिए दल के साथ ही भोजन भेजने की सोच रहे हैं। यही नहीं करीब दर्जन भर टीमें घोषणा कर चुकी हैं कि बीजिंग के प्रदूषण से बचने के लिए वे जितना संभव हो सके, देर से पहुंचेंगी।