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आई थी कमाने, सब कुछ गंवा दिया

चंडीगढ़.तीन महीने पहले वह इस शहर में कमाने आई थी। सपने लेकर आई थी कि बच्चों को भी यहीं ले आएगी.. शराबी पति से छुटकारा मिल जाएगा.. बड़ी बेटी की शादी कर देगी। लेकिन इस शहर में उसका सब कुछ लुट गया। अब न सपने रहे न ख्वाहिशें।

वह टूट चुकी है.बिखर चुकी है.। जीने की तमन्ना ने भी दम तोड़ दिया। रोते हुए बस एक ही बात कहे जा रही है ‘मरना चाहती हूं मैं.. हां नहीं है बच्चों की फिक्र.. जिनकी माएं नहीं होतीं क्या उनके बच्चे नहीं पलते.।’ रह-रह कर उसे याद आ रही है बुधवार की वह रात जब नशे में धुत हरियाणा पुलिस के दो कमांडोज ने उसकी इज्जत तार-तार कर दी।

मोहाली की इस 42 साल की महिला को दरिदंगी से अपनी हवस का शिकार बनाया। इस गैंगरेप ने उसे जो जिस्मानी जख्म दिए सो दिए इससे कहीं ज्यादा जेहनी जख्म और दर्द दिए और इसी ने उसकी जीने की ख्वाहिश खत्म कर दी। अहम बात यह है कि पीड़िता रूबी (बदला हुआ नाम) को स्किन प्रॉब्लम है। इसकी एक कजन ने बताया कि खुजली से इसका सारा शरीर खराब व दागदार हो चुका है। इस बीमारी के चलते पीड़िता को अलग बिस्तर पर सुलाया जाता था। लेकिन वहशी हुए हरियाणा पुलिस के कमांडोज इतने गिर गए कि उन्हें इसकी बीमारी तक नजर नहीं आई।

इस वक्त उसके पास न पति, न बच्चे और न कोई दोस्त है। उन्हें तो इसकी भनक तक नहीं। फिलहाल रूबी शहर में एक कजन के घर रह रही है। वह इसे पल भर के लिए भी अकेला नहीं छोड़ रहे। उन्हें डर है कि कहीं वह पंखे से न झूल जाए। रूबी की कजन बताती है कि वह बार-बार यही कहते हुए रो रही है कि ‘मैं चीखती रही कि मैं तुम्हारी मां की उम्र की हूं मुझे छोड़ दो मैंने हाथ जोड़े, पैर पकड़े, लेकिन उनमें से एक ने मेरे मुंह में हाथ दिए रखा ताकि मैं आवाज न निकाल सकूं.।’

ढाई घंटे तक इसके शरीर के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करते रहे। मानसिक तौर पर यह अपने पर शर्म और ग्लानि महसूस कर रही है कि यह क्या हो गया उसके साथ। उस रात गैंगरेप कर उसके स्वाभिमान के चिथड़े उड़ा देने वाले दरिंदों को तो शायद शर्म नहीं आ रही पर वह रात उसके लिए जीवनभर का नासूर बन गई है। परिवार वाले बताते हैं कि 5 बच्चों की इस मां का सबसे छोटा बच्च ढाई साल का है और बड़ी बेटी 17 साल की है। हम तो सोच रहे थे कि उसकी शादी कर दी जाए पर अब क्या करेंगे।





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