बेंगलुरु.
शाहरुख खान द्वारा पर्दे पर स्मोकिंग को 'क्रिएटिव लिबर्टी' कहकर जायज ठहराने के बयान पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबूमणि रामदास ने कहा है कि एक्टरों को क्रिएटिव लिबर्टी का मतलब आमिर खान से सीखना चाहिए।
रामदास ने कहा कि क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल मानवता के विकास के लिए होना चाहिए न कि उसके विनाश के लिए। 'तारे जमीन पर' की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों के प्रति हजारों माता-पिता और टीचरों का नजरिया बदलने में मदद की है। क्रिएटिव लिबर्टी का काम कुछ ऐसा होना चाहिए।
हाल ही में उन्होंने फिल्म स्टार्स शाहरुख और अमिताभ बच्चन को पर्दे पर स्मोकिंग न करने की सलाह दी थी। इसका जवाब शाहरुख ने यह कहते हुए दिया था कि सिनेमा और आर्ट्स का मामला क्रिएटिव लिबर्टी का है। इसलिए इस तरह की छोटी-छोटी बातों को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।