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‘तेरे-मेरे सपने अब एक रंग हैं..’

अजमेर.couple देहली गेट निवासी रेवाचंद भागानी की पुत्री दीपा के सपने शादी के मंडप में कलह से बिखरने के कगार पर थे, लेकिन पति के साथ जीवन बिताने के फैसले ने उसके घर-संसार को सलामत रखा। हालांकि इस फैसले से उसके पिता रेवाचंद और मां सुमित्रा खफा हैं। उन्होंने दीपा से रिश्ता तोड़ने का ऐलान भी कर दिया, लेकिन माता-पिता की नाराजगी के बावजूद दीपा का कहना है कि वह पति के साथ खुश है।

मंडप में जो भी कुछ हुआ दोनों उसे भुलाकर आगे का सफर तय करेंगे। दीपा ने ’भास्कर’ को बताया कि उसे पति जयप्रकाश और ससुराल वालों से कोई शिकायत नहीं है। मंडप के दौरान हुई घटना दोनों पक्षों के लोगों के बीच गलतफहमी का नतीजा थी। दहेज के लेनदेन के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। इससे जयप्रकाश और उसे कोई वास्ता भी नहीं है।

दीपा के पति जयप्रकाश उर्फ सन्नी ने भी मंडप में हुए हंगामे को गलतफहमी का नतीजा बताया। उसने बताया कि उसकी और घरवालों की मंशा दहेज मांगने की नहीं थी। विवाद का कारण कुछ और ही था। वह दीपा से प्यार करता है। मां सुशीला देवी और पिता अशोककुमार सहतानी भी दीपा के फैसले से खुश हैं। जयप्रकाश ने कहा कि बीती बातें भुलाकर दोनों ने नई सोच के साथ जीवन बसर करने का फैसला किया है। जयप्रकाश की मां सुशीला देवी भी बहू के फैसले से खुश हैं। सुशीला देवी का कहना है दीपा को घर में माता-पिता के प्यार की कमी कभी नहीं अखरेगी।

विवाद में रिश्ता टूटने की नौबत आई थी। वर और वधू की समझदारी से संबंध कायम रहा। वर पक्ष के लोगों ने भरोसा दिलाया है कि दहेज या अन्य किसी मांग को लेकर वह दीपा को परेशान नहीं करेंगे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझौते का पूरा मौका दिया।>- राजेन्द्र त्यागी, थाना प्रभारी

लहू पुकारता है..

दीपा के फैसले से उसकी मां सुमित्रा और पिता रेवाचंद नाखुश थे। क्रिश्चियनगंज थाने में जयप्रकाश के साथ दीपा को जाते देख उन्होंने चिल्लाकर कहा ‘आज के बाद हमें भूल जाना’ लेकिन दोनों को हर पल बेटी की चिंता खाए जा रही है। शनिवार को सुमित्रा देवी ने बताया कि उसे फूल सी बिटिया की बहुत फिक्र है। दीपा से रिश्ता तोड़ने के सवाल पर सुमित्रा देवी की आंखें नम हो र्गई। उसने कहा कि आखिर खून के रिश्ते ऐसे टूटते हैं क्या? यही हाल दीपा के पिता रेवाचंद का है।

बाबुल की दुआ

लकड़ी के काम के ठेकेदार रेवाचंद का कहना है कि तीन बेटियों में से दूसरे नंबर की दीपा की खुशी के लिए उसने कोटड़ा स्थित मकान बेच दिया। परिवार के साथ वह किराए के मकान में रह रहा है। बेटी के फैसले पर रेवाचंद का कहना है कि दीपा शिक्षित और समझदार है, वह अपना अच्छा-बुरा समझ सकती है। हम तो हमेशा उसे खुश रहने की दुआ देता रहेंगे।

बेटी की खुशी

दीपा और जयप्रकाश की सगाई करीब दो साल पहले हुई थी। कुछ समय पहले परिवारजन के बीच विवाद के बारदीपा के पिता रेवाचंद ने एक बार तो रिश्ता तोड़ने का मानस बना लिया था, लेकिन दीपा ने जयप्रकाश से ही शादी करने की जिद की। बेटी की खुशी की खातिर रेवाचंद ने रिश्ता कायम रखा।





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