कोटा. देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थान आईआईटी को लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा ने राजनीति करते हुए अलग-अलग शहरों में जाकर प्रतिस्पर्धा पैदा की। आईआईटी जैसी उच्च संस्था एक प्रक्रिया के तहत आ जाती। यह बात शनिवार रात यहां कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कही। प्रेस से मुखातिब गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी ऐसा स्टेटमेंट नहीं दिया जिसमें राजनीति झलकती हो।
जहां तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय का सवाल है तो वह किसी भी पूर्वाग्रह से ग्रसित नहीं है। आईआईटी को मुद्दा बनाया ही नहीं जाना चाहिए। सीएम कर्मचारियों को भी मुद्दा बना रही है। कांग्रेस चाहती है केंद्र और राज्य का समान वेतन भत्ता हो। यह भी अफवाह उड़ाई जा रही है कि कर्मचारी कांग्रेस के खिलाफ हैं, जबकि ऐसा नहीं है। जाट समाज और कर्मचारियों का अब कोई मुद्दा ही नहीं है।
टिकट वितरण में तीन योग्यता
गहलोत ने व्यक्तिगत राय देते हुए कहा कि इस बार टिकट वितरण में नए चेहरों, युवाओं और पार्टी के प्रति समर्पित लोगों को मौका दिया जा सकता है। वैसे इसकी भी एक प्रक्रिया है।
धमकाकर बिकवाई जा रहीं आमेर की हवेलियां
उन्होंने कहा कि आमेर की प्राचीन हवेलियों को धमकाकर बिकवाया जा रहा है। सरकार में बैठे लोग ऐसा कर रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों की जमीन की भी बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त हो रही है। दोनों मामलों की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए।