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मेहनत ने बदली भाग्य की रेखाएं

पंचकूला. खड़क मंगोली की 37 वर्षीय मीना कुमारी ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम से मात्र 25 हजार रूपए का ऋण लेकर मनियारी का काम शुरु किया। उन्होंने मेहनत से भाग्य की रेखाएं बदल दीं और पारिवारिक जीवन को अधिक खुशहाल किया है।

मीना ने बताया कि दो साल पूर्व उनको पता चला था कि निगम पिछड़े वर्ग के गरीब लोगों को स्वयं रोजगार आरंभ करने के लिए आसान किस्तों पर लोन देता है। मीना की तीन बेटियां हैं। पति की कमाई से घर का खर्च तो चल जाता था पर बेटियों को अच्छे स्कूल में एजूकेशन दिलाने की वह सोच भी नहीं सकती थीं।

मीना ने बताया कि वह पति के साथ पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया, फेज 1 में स्थित निगम के ऑफिस में गईं और स्कीम की जानकारी ली। जानकारी लेकर 25 हजार रूपए के लोन के लिए एप्लीकेशन जमा करा दी। कुछ ही दिनों में लोन मिल गया। उन्होंने अपने घर में ही मनियारी का काम आरंभ किया। बच्चों की देखरेख के साथ दुकान भी चलाती रहीं। उन्हें इस काम से काफी लाभ हुआ।

मीना अपनी कमाई से लोन की किश्तें अदा करती रहीं और शेष रकम से घर का खर्च चलाती रहीं। सभी किश्तें उन्होंने अदा कर दीं हैं। आरंभ में उन्हें दो-तीन हजार रूपए प्रतिमाह लाभ होने लगा और आज वह लगभग 5 हजार रूपए प्रतिमाह बचा लेती हैं। बेटियां मनीमाजरा के पब्लिक स्कूल में पढ़ रही हैं। दुकान से ही घर का सारा खर्च चल रहा है। पति की कमाई को जोड़कर उन्होंने एक पक्का घर बना लिया है। मीना ने बताया कि लोन ने मेरे परिवार का जीवन ही बदल दिया है।

उन्होंने बताया कि अब वह मनियारी का काम बड़े स्तर पर करना चाहती हैं और 50 हजार रूपए के लोन के लिए एप्लीकेशन जमा कराई है। उन्होंने कहा कि मैं और मेरा परिवार काफी खुश है।





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