हांगकांग, कल, आज और कल के बीच झूलता एक महानगर। अगर यहां दुनिया की ताजातरीन सुविधाएं और फैशन हैं, तो दूसरी ओर मिली-जुली मध्यकालीन संस्कृति के निशानों को भी सहेजकर रखा गया है।
एक अलग द्वीप पर एअरपोर्ट
यहां आपका सबसे पहला वास्ता पड़ता है एक अलग द्वीप पर समुद्र के भीतर जमीन निकालकर बनाए गए इंटरनेशनल एयरपोर्ट से। हांगकांग का पुराना एयरपोर्ट शहर के बीचांेबीच था। वहां मल्टीस्टोरी इमारतों के बीच से, विशिष्ट कोण से विमान उतारने के लिए विशेषज्ञ पायलटों की जरूरत पड़ती थी। साथ ही बढ़ते ध्वनि प्रदूषण भी बेकाबू हो चला था।
डिज्नीलैंड के क्या कहने
एयरपोर्ट की तरह डिज्नीलैंड भी लांताऊ द्वीप पर है। डच्यूटी फ्री शॉप्स, एयरपोर्ट से बाहर आने-जाने के लिए टच्यूब ट्रेन और फिर हांगकांग वाया काऊलून को जाने वाली एयरपोर्ट एक्सप्रेस आपको आने वाली चकाचौंध की झलक दे जाती हैं। 150 किमी. प्रति घंटा रफ्तार से टोयोटा टैक्सियां जब आपको शहर की ओर उड़ती हैं तो आपको मानो पंख से लग जाते हैं।
सबसे ऊंचा पॉइंट विक्टोरिया पीक
शहर हांगकांग, काऊलून और न्यू टेरिटरीज में बंटा हुआ है। हांगकांग और काऊलून खाड़ी में तीन सुरंगों से जुड़े हैं, जिसमें सबसे पुरानी क्रॉस हार्बर टनल सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है। हांगकांग का दिलकश नजारा देखना है तो विक्टोरिया पीक जाइए जो कि यहां का सबसे ऊंचा पॉइंट है। अंग्रेजों की बनाई गई पिछली सदी की सीधी चढ़ाई चढ़ने वाली ट्राम गजब की है। ट्राम पर चढ़ने से पहले बेस पर ही जैकी चान की आदमकद वैक्स प्रतिमा आपको लुभाती है।
मछुआरों का गांव एबर्डीन
1846 में अस्तित्व में आया मछुआरों का गांव एबर्डीन और हांगकांग जॉकी क्लब गुजरे जमाने की यादें ताजा करता है। शातिन रेसकोर्स शबाब के दिनों में 80 हजार दर्शक तक खींच लेता था। नजदीकी मकाऊ में लासवेगास जैसे केसिनो ने हांगकांग की रेसिंग को मानो ग्रहण सा लगा दिया है। शहर को उम्मीद है कि ओलंपिक 2008 में घुड़सवारी इवेंट्स के आयोजन से यहां की घुड़सवारी की विरासत को बचाया जा सकेगा।
रंगीन नाइट लाइफ
हांगकांग की नाइट लाइफ अब भी रंगीनियों भरी है। स्टार क्रूज से आसमान के हजारों सितारों सी दमकती हांगकांग की गगनचुंबी इमारतों को देखना परीलोक की सैर जैसा अनुभव है। एबर्डीन नाइट क्रूज आपको विक्टोरिया हार्बर के शबाब के दिनों की झलक दे जाता है। स्टेनली मार्केट या फिर स्टेनली बीच काफी सुकून देने वाला होता है। हांगकांग में शाकाहारियों के लिए खाना एक मुसीबत बन सकता है। ऐसे में सिम शा शुई स्टेशन के समीप नाथन रोड पर चुंगकिंग मेंशन से बेहतर जगह कोई हो ही नहीं सकती। एक चौराहे पहले से ही भारतीय और पाकिस्तानी चेहरे आपका स्वागत करते हैं। मार्केट में समोसे-कचोरी, छोले-भटूरे और जलेबी देखकर कलेजे को ठंडक मिलती है। कहने को तो हांगकांग आधुनिक है, लेकिन जब बात भाव-ताव की आती है तो आपको ऐसे ही लगेगा मानो आप भारत में हैं।