नई दिल्ली.
बीमारी का बहाना बनाकर करीब दो साल तक छुट्टी पर रहे एक कर्मचारी की सेवा समाप्ति को सुप्रीम कोर्ट ने उचित ठहराया है। कर्मचारी अपनी गैरहाजिरी को उचित ठहराने के लिए कोई वैध प्रमाण-पत्र पेश करने में विफल रहा।
जस्टिस अरिजित पसायत और एसएच कापडिया की बेंच ने कहा कि बीमारी के लिए छुट्टी केवल तभी दी जा सकती है जब एक पंजीकृत चिकित्सक का मेडिकल सर्टीफिकेट पेश किया जाए। इस सर्टीफिकेट में संभावित डायग्नोसिस और उपचार में लगने वाले समय का साफ तौर पर जिक्र होना चाहिए।
बेंच ने यह व्यवस्था न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी द्वारा दायर अपील को बरकरार रखते हुए दी। बीमा कंपनी ने अपनी अपील में लेबर ट्रिब्यूनल द्वारा टाइपिस्ट वीपीएल श्रीवास्तव की बहाली संबंधी आदेश को चुनौती दी थी। श्रीवास्तव 25 सितंबर 1982 से 5 जून 1984 तक अनाधिकृत तौर पर गैरहाजिर रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहाली के आदेश को बरकरार रखा था।